सोमनाथ में पीए नरेंद्र मोदी (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
गुजरात

सोमनाथ की पवित्र भूमि से पीएम मोदी की हुंकार, याद दिलाया परमाणु परीक्षण, कहा- कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती

PM Modi Somnath Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जनता को 11 मई का पोखरण परमाणु परिक्षण की याद दिलाई।

प्रिया जैस

PM Narendra Modi at Somnath Amrit Mahotsav: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' में हिस्सा लिया। यह महोत्सव भगवान शिव को समर्पित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने गुजरात की जनता को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य उत्सव को पवित्र बताया और कहा आज, प्रभास पाटन की यह पवित्र भूमि एक दिव्य आभा से भर उठी है। महादेव का यह साक्षात रूप, आकाश से फूलों की वर्षा, कला, संगीत और नृत्य की भव्य प्रस्तुतियां, वैदिक मंत्रों का उच्चारण, गर्भगृह में शिव पंचाक्षरी का निरंतर पाठ, और इन सबके साथ-साथ, सागर की लहरों की विजयी गर्जना ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरी सृष्टि एक साथ मिलकर जयघोष कर रही हो। उन्होंने जय सोमनाथ की हुंकार भी भरी।

पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को किया सलाम

दुनिया में भारत की पहचान और उसमे वैज्ञानिकों के योगदान का भी उल्लेख किया। सोमनाथ में पीएम मोदी ने कहा, 11 मई को, पहले तीन परमाणु परीक्षण किए गए थे। हमारे वैज्ञानिकों ने, जो भारत के गौरव हैं, पूरी दुनिया के सामने भारत की क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई। कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन 13 मई को, दो और परमाणु परीक्षण किए गए।

कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती - पीएम

इसने दुनिया को यह दिखा दिया कि भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति कितनी दृढ़ है। उस समय, पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था। फिर भी, अटल जी के नेतृत्व में, भाजपा सरकार ने यह साबित कर दिया कि हमारे लिए, राष्ट्र सबसे पहले आता है। धरती की कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती; कोई भी ताकत उसे दबाव के आगे झुकने पर मजबूर नहीं कर सकती।

सोमनाथ मंदिर इतिहास का साक्षी रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि, दुनिया भर में ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं जहां विदेशी आक्रमणकारियों ने उन स्थलों को नष्ट कर दिया जो किसी राष्ट्र की पहचान से गहराई से जुड़े थे। फिर भी, जब भी उन राष्ट्रों के लोगों को अवसर मिला, वे अपनी पहचान को वापस पाने और अपनी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिए एकजुट हुए।

उन्होंने इस दौरान कांग्रेस को भी निशाना बनाया और कहा, यहां हमारे देश में, राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े मामलों पर भी राजनीति होती रही। सोमनाथ स्वयं इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारी आज़ादी के बाद, जो सबसे पहले कार्यों में से एक किया गया, वह था सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार। इसीलिए सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस कार्य के लिए इतना अथाह प्रयास किया।

राष्ट्र ने कलंक को धो डाला

फिर भी, हम सभी जानते हैं कि उन्हें नेहरू जी से किस हद तक विरोध का सामना करना पड़ा था। यह सरदार साहब की इच्छाशक्ति ही थी कि इतने कड़े विरोध का सामना करने के बावजूद, वे सोमनाथ को लेकर अपने संकल्प पर अडिग रहे। परिणामस्वरूप, मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, और राष्ट्र ने उस कलंक को धो डाला जो सदियों से चला आ रहा था।

पीएम मोदी ने विकास और विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सतर्क रहने की बात कही। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, आज भी हमारे देश में ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो राष्ट्रीय स्वाभिमान के ऊपर तुष्टीकरण को प्राथमिकता देती हैं। हमने राम मंदिर के निर्माण जैसे अवसरों पर भी ऐसा देखा है। हमने देखा है कि कैसे राम मंदिर के निर्माण का भी विरोध हुआ। हमें ऐसी मानसिकता के प्रति सतर्क रहना चाहिए। हमें विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

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