एंबुलेंस में गंभीर हालत में मजदूर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
गुजरात

बिना सेफ्टी जहरीले टैंक में उतार दिए मजदूर...गुजरात की मिल में बिहार के 3 मजदूरों की मौत, एक की हालत गंभीर

Bihar News: सूरत शहर के पांडेसरा GIDC इलाके से एक दुखद घटना सामने आई है। होली की छुट्टियों में एक डाइंग मिल में बिना सेफ्टी के टैंक साफ करना बिहार के मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हुआ।

अभिषेक सिंह

Gujarat News: सूरत शहर के पांडेसरा GIDC इलाके से एक दुखद घटना सामने आई है। होली की छुट्टियों में एक डाइंग मिल में टैंक साफ करना मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हुआ। आरोप है कि पारस प्रिंट प्राइवेट लिमिटेड नाम की टेक्सटाइल मिल में मजदूरों को बिना सेफ्टी इक्विपमेंट के केमिकल वाले पानी वाले टैंक को साफ करने के लिए भेजा गया, जिससे तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिल में होली पर दो दिन की छुट्टी थी। इस दौरान मिल मैनेजमेंट ने मजदूरों को सफाई के काम के लिए टैंक में उतारा। गुरुवार शाम 6 से 8 बजे के बीच जब शहर में लोग होली मना रहे थे, मजदूरों को गहरे टैंक को साफ करने के लिए भेजा गया। सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न होने की वजह से यह सफाई का काम एक भयानक हादसे में बदल गया।

काल के गाल में समा गए मजदूर

बताया जा रहा है कि सोनू कुमार को सबसे पहले केमिकल वाले पानी के टैंक को साफ करने के लिए टैंक में उतारा गया। वह अचानक टैंक के नीचे जमा हुए जहरीले कीचड़ और पानी के नीचे दब गया और दम घुटने से बेहोश हो गया। जब वह बाहर नहीं निकला तो उसे बचाने के लिए दूसरे मजदूरों को भेजा गया।

बचाने उतरे, बाहर नहीं निकले

सोनू को बचाने की कोशिश में अंकित कुमार और संदीप कुमार एक-एक करके टैंक में उतरे, लेकिन अंदर ज़हरीली गैस की वजह से वे भी बेहोश हो गए और अंदर गिर गए। तीनों के भी बाहर न निकलने पर मिल मैनेजमेंट ने चौथे मजदूर मनोज कुमार को टैंक में भेजा। हालांकि, अंदर का नजारा देखकर वह घबरा गया और भागने में कामयाब रहा। अमरेंद्र अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

रोहतास के रहने वाले थे मजदूर

इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी युवक मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले थे। मरने वालों में शिवसागर थाने के अमझरपुर गांव का रहने वाला पीयूष कुमार उर्फ अंकित (16), शिवसागर थाने के नौरिहा गांव का रहने वाला सोनू कुमार (23) और कुदरा गांव का रहने वाला संदीप कुमार (23) शामिल हैं।

घायल मजदूर मनोज कुमार 31) रोहतास जिले के दिनारा थाने के परशुरामपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। सूरत में नौकरी की तलाश में आए इन नौजवानों की उम्र 19 से 22 साल के बीच बताई जा रही है और ये मिल में काम करके अपना गुज़ारा कर रहे थे।

जहरीली गैस के कारण गई जान

बताया जा रहा है कि हादसे के बाद, मज़दूरों को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय डिंडोली इलाके में बाबा मेमोरियल नाम के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया, जहां अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीन मजदूरों की मौत हो गई। शुरुआती अंदाजे से पता चलता है कि मौत का मुख्य कारण टैंक में ऑक्सीजन की कमी और केमिकल वाले कीचड़ से निकली जहरीली गैस के कारण दम घुटना था।

पुलिस को देर से दी गई सूचना

पंडेसरा पुलिस स्टेशन के मुताबिक, यह घटना 5 मार्च को शाम 4:30 बजे से रात 8 बजे के बीच हुई, लेकिन मिल मैनेजमेंट ने पुलिस को इसकी सूचना 6 मार्च को सुबह 5:10 बजे से 5:35 बजे के बीच दी। यह घटना पंडेसरा GIDC के प्लॉट नंबर 276 पर मौजूद ETP प्लांट के अंडरग्राउंड टैंक में हुई।

अधिकारियों ने की मिल की जांच

तीन मजदूरों की मौत के बाद गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और FSL को भी जानकारी दी गई। फिलहाल, पुलिस ने एक्सीडेंटल मौत का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि मज़दूरों को सेफ्टी इक्विपमेंट दिए गए थे या नहीं।

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