गुजरात में भारी बारिश (सोर्स-सोशल मीडिया) 
गुजरात

गुजरात में कुदरत का कहर, दक्षिण गुजरात में सैलाब से हाहाकार, सूरत-वलसाड डूबे, भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी

Gujarat Heavy Rains: गुजरात में भारी मूसलाधार बारिश से तबाही मची है। दक्षिण गुजरात के सूरत और वलसाड जलमग्न हो चुके हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।

अनन्या तिवारी

Gujarat Monsoon Situation And Flood News Update: गुजरात इस समय मॉनसून के सबसे भीषण संकट का सामना कर रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में तबाही मचा दी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात के कई हिस्सों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जो आने वाले घंटों में और भी गंभीर स्थिति का संकेत दे रहा है।

रिकॉर्ड तोड़ बारिश से डूबे शहर

दक्षिण गुजरात इस समय विनाश का केंद्र बना हुआ है। वलसाड के उमरगाम में महज 48 घंटों में रिकॉर्ड 35.67 इंच (करीब 1300mm) बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कपराडा में 29 इंच और धरमपुर में 20 इंच बारिश ने तबाही की नई इबारत लिख दी है। हालात इतने खराब हैं कि वलसाड में एक पार्किंग लॉट में खड़ी 50 से अधिक कारें पानी में पूरी तरह डूब गईं।

खाड़ियों के पानी ने बढ़ाई मुश्किल

सूरत शहर में स्थिति लगातार दूसरे दिन भी नाजुक बनी हुई है। खाड़ियों का पानी शहर के निचले इलाकों में घुस गया है, जिससे सानिया हेमाद और सरोली जैसे क्षेत्र जलमग्न हैं। सानिया हेमाद में स्थित प्रसिद्ध खोयडियार माता का मंदिर 10 से 15 फीट पानी में डूब गया है। सूरत में शुक्रवार शाम तक 41 mm बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर की ड्रेनेज व्यवस्था ठप हो गई और पानी सड़कों पर जमा हो गया।

सेना और NDRF की टीमें मुस्तैद

राज्य में बिगड़ते हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में हाई-लेवल मीटिंग की और अधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। पूरे राज्य में अब तक 22,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 1,200 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है। वलसाड में एक साहसी ऑपरेशन के दौरान 8 महीने की गर्भवती महिला को सुरक्षित बचाया गया, जिसकी काफी चर्चा हो रही है। सूरत नगर निगम (SMC) ने अब तक 43,750 से अधिक भोजन के पैकेट और 26,690 पानी की बोतलें बांटी हैं।

रेल और सड़क मार्ग बुरी तरह प्रभावित

भारी बारिश का असर परिवहन पर भी पड़ा है। अहमदाबाद-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री नवसारी और अन्य स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। नर्मदा जिले में उमरान का डायवर्जन बह जाने से 7 गांव मुख्य संपर्क से पूरी तरह कट गए हैं। अहमदाबाद में भी कई अंडरपास बंद कर दिए गए हैं।

उकाई बांध और तापी नदी पर प्रशासन की नजर

सूरत शहर की जीवनरेखा तापी नदी पर बने उकाई बांध का जलस्तर 315.46 फीट तक पहुंच गया है, जबकि इसका पूर्ण स्तर 345 फीट है। प्रशासन लगातार बांध में पानी की आवक और जावक की निगरानी कर रहा है। वहीं, सूरत का कॉजवे 7.01 मीटर की ऊंचाई पर बह रहा है और फिलहाल यातायात के लिए बंद है।

अभी खतरा टला नहीं है

IMD के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मॉनसून की सक्रियता बढ़ी है। राज्य के 3 जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 11 अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों और खाड़ियों से दूर रहें और केवल उबला हुआ या सुरक्षित पानी ही पिएं ताकि जलजनित बीमारियों से बचा जा सके।

हेल्पलाइन नंबर: किसी भी आपात स्थिति में नागरिक सूरत नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर 2423751-56 पर संपर्क कर सकते हैं।

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