Ahmedabad PG Student Rape Case: गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने महिला सुरक्षा और पीजी (पेइंग गेस्ट) की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के आनंदनगर इलाके में एक इंटीरियर डिजाइनिंग की छात्रा के साथ उसी के पीजी के सुरक्षाकर्मी ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पीजी में रहने वाली अन्य छात्राओं में भारी दहशत का माहौल है।
घटना उस समय की है जब पीड़िता, जो एक इंटीरियर डिजाइनिंग की छात्रा है, रात के करीब 10 बजे वॉक करने के लिए अपने पीजी की छत पर गई थी। उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि वहां पहले से घात लगाकर बैठा सुरक्षाकर्मी उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी गार्ड धर्मसिंह ने छत पर युवती को अकेला पाकर उसे बंधक बना लिया।
जब छात्रा ने वहां से भागने की कोशिश की, तो आरोपी ने क्रूरता दिखाते हुए उसके गले में लोहे का वायर (तार) बांध दिया ताकि वह शोर न मचा सके और भाग न पाए। इसके बाद आरोपी ने छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी धर्मसिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है। चौंकाने वाली बात यह है कि उसने महज कुछ ही दिन पहले इस पीजी में सुरक्षाकर्मी के तौर पर नौकरी शुरू की थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नौकरी पर रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन करवाया गया था या नहीं।
वारदात की सूचना मिलते ही अहमदाबाद आनंदनगर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आनंदनगर पुलिस, LCB और क्राइम ब्रांच की करीब 10 टीमें गठित की गईं। पुलिस ने बिना समय गंवाए इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए।
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा, जिसमें आरोपी धर्मसिंह लिफ्ट के जरिए छत की ओर जाता और वहां से संदिग्ध अवस्था में आते-जाते दिखाई दिया। इसी पुख्ता सबूत के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को दबोच लिया।
इस हैवानियत के बाद पीड़िता की हालत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि मामले की कड़ियों को और मजबूती से जोड़ा जा सके।
यह घटना शहर में रह रही छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा चेतावनी संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीजी संचालकों को सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति से पहले उनकी पूरी पृष्ठभूमि और चरित्र की जांच अनिवार्य रूप से करानी चाहिए।