

JPSC JSSC Student Protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी मामला बढ़ता जा रहा है। एक ओर तो छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठकर सरकार से बातचीत कर रहे है। तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष राज्य सरकार पर हावी हो रही है और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे है। भाजपा ने अब राहुल गांधी को सीएम आवास घेरने का खुला चैलेंज दे दिया है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों से केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ और झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को मुलाकात की। केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ और आदित्य साहू ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और झारखंड सरकार और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, "पहले ही दिन 24 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री को छात्रों से मिलने आना चाहिए था। ये हमारे बच्चे हैं, हमारी बेटियां हैं और सरकार 16 दिनों तक चुप रही। अब, जिस तरह अंग्रेजों ने 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाई थी, राज्य सरकार भी वही नीति अपना रही है। अलग-अलग संगठनों से अलग-अलग बात कर रही है और नाटक कर रही है।"
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, "राहुल गांधी, झारखंड की जनता आपको बुला रही है। राहुल गांधी देश में झूठ की सबसे बड़ी फैक्ट्री के मालिक हैं। राहुल गांधी के दोहरे चरित्र के बारे में देश जानता है। वे हर चीज को राजनीतिक नजरिए से देखते हैं। यहां कोई राजनीतिक फायदा नहीं है, क्योंकि आप (कांग्रेस) सरकार में हैं। आप तो वहीं भागते हैं जहां चुनाव होते हैं।
मंत्री ने कांग्रेस नेता को चुनौती देते हुए कहा, "राहुल गांधी, अगर आपमें थोड़ी भी नैतिकता बची है। अगर आपमें हिम्मत है तो रांची आइए। अगर हिम्मत है तो मुख्यमंत्री आवास के बाहर बैठें और मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगें।"
संजय सेठ ने रांची में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शन की तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों से करके गांधी पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दोहराया कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी रहेगी और इस मामले में उनकी मांगों का समर्थन करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड सरकार और इंडिया ब्लॉक को भी निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि NSUI और JMM युवा मोर्चा के सदस्यों को विरोध प्रदर्शन में इसलिए शामिल किया जा रहा है ताकि छात्रों को "बांटा जा सके" और उनके आंदोलन को कमजोर किया जा सके।
संजय सेठ ने कहा, "बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, उनकी सेहत बिगड़ रही है और 16 दिन बीत चुके हैं। इन 16 दिनों में राज्य सरकार जिस तरह से 'बांटो और राज करो' की नीति अपना रही है, वह सही नहीं है। और सरकार कितनी डरी हुई है? उनमें बच्चों का सामना करने की हिम्मत नहीं है। सोलह दिन बीत गए और वे एक भी कदम नहीं उठा पाए हैं। उन्हें किस बात का डर है? डर क्या है? वे सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाते।"