Ashok Yadav Fact Check : सोशल मीडिया पर बीएसएफ के आईजी अशोक यादव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया है कि 2025 में बीएसएफ ने "जीरो टेररिस्ट" को न्यूट्रलाइज किया है और उनकी इंटेलिजेंस यूनिट ज्यादातर समय गायों, छायाओं और अपनी पेट्रोलिंग टीम को ही खतरा समझने में गंवा रही है।
वीडियो में आगे यह भी कहा जा रहा है कि 69 लॉन्चिंग पैड्स की निगरानी के बावजूद कुछ नहीं मिला क्योंकि “दूरबीनें पिछले साल से प्रोक्योरमेंट का इंतजार कर रही हैं।” वायरल क्लिप में उन्होंने यह भी कहा कि सरकार फंड नहीं दे रही, इसलिए काउंटर टेररिज्म में कोई सफलता नहीं मिल रही है। इन दावों के कारण सोशल मीडिया पर बड़ी बहस शुरू हो गई।
@Hawkss_eye नाम के एक X यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा- ब्रैकिंग न्यूज : बीएसएफ आईजी कश्मीर अशोक यादव ने चौंकाने वाले खुलासे किए। "आतंकवाद निरोधक अभियान में हमारी कोई उपलब्धि नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार हमें खरीद बजट देने से इनकार कर रही है, हम पूरी तरह से असफल हो रहे हैं।" (अर्काइव)
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसे गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च करने पर हमें इसका रियल वीडियो न्यूज एजेंसी ANI के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो को ANI ने 1 दिसंबर 2025 को लाइव स्ट्रीम किया था। इस रियल वीडियो में अशोक यादव ने सरकार या फोर्स की फंडिंग पर कोई टिप्पणी नहीं की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सिर्फ नियंत्रण रेखा पर 69 लॉन्चिंग पैड्स की निगरानी और सुरक्षा तैयारी पर तथ्यात्मक जानकारी दी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं भी वायरल वीडियो जैसा कोई बयान नहीं दिया।
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पड़ताल के दौरान तकनीकी टूल्स ने भी इस क्लिप को संदिग्ध बताया। वहीं, कई पैरामीटर्स पर वीडियो में छेड़छाड़ बताई है। भारत सरकार की आधिकारिक न्यूज एजेंसी PIB फैक्ट चेक ने भी वायरल वीडियो का खंडन किया और इस वीडियो को डीपफेक बताया है।
साफ है कि सोशल मीडिया पर बिना जांच-परख के इस तरह के डीपफेक वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य भ्रम फैलाना और सुरक्षा एजेंसियों पर गलत टिप्पणी करना है।