Vidya Balan Success Story: आज बॉलीवुड में अपनी संजीदा एक्टिंग का लोहा मनवा चुकीं एक्ट्रेस विद्या बालन का शुरुआती सफर भी नाकामियों और निराशा से भरा रहा था। एक समय ऐसा था जब लगातार मिल रहे रिजेक्शन की वजह से वह पूरी तरह टूट चुकी थीं, लेकिन तभी विद्या बालेन की जिंदगी में एक ऐसी चमत्कारी कॉल आई जिसने उनके पूरे करियर की दिशा को हमेशा के लिए बदल दिया।
बॉलीवुड में कदम रखने से पहले विद्या बालन ने असफलताओं का एक बहुत लंबा दौर देखा था। एक इंटरव्यू के दौरान विद्या बालेन ने अपने पुराने दिनों को याद किया। विद्या ने बताया कि उस शुरुआती दौर में उन्होंने कई ऑडिशन दिए थे। बार-बार मिलने वाले रिजेक्शन की वजह से वह टूट गईं थी।
जिस दिन विद्या बालन की किस्मत पलटने वाली थी, उस दिन वह फेमस अंतरराष्ट्रीय गायक एनरिक इग्लेसियस के एक म्यूजिक कॉन्सर्ट में गई हुई थीं। उन्होंने सुकून के पल बिताने के लिए अपने मोबाइल फोन को बंद कर दिया था ताकि कोई उन्हें परेशान न कर सके।
किस्मत से उनके साथ उनका एक दोस्त भी मौजूद था, जिसने पहले डायरेक्टर प्रदीप सरकार के साथ काम किया था। अचानक उस दोस्त के फोन पर डायरेक्टर प्रदीप सरकार यानी 'दादा' का फोन आया और उन्होंने पूछा कि विद्या कहां है।
जब विद्या बालन ने प्रदीप सरकार को वापस फोन मिलाया, तो उन्हें बताया गया कि फिल्म मेकर विधु विनोद चोपड़ा उनसे बात करना चाहते हैं। पहले के कड़वे अनुभवों के कारण विद्या को पूरा यकीन था कि उन्हें इस बार भी रिजेक्ट कर दिया गया है और यही बताने के लिए फोन किया गया है।
लेकिन जैसे ही वह लाइन पर आईं, विधु विनोद चोपड़ा ने उनसे कहा कि विद्या बालन, तुम ही मेरी परिणीता हो। फिल्म मेकर ने उन पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि उन्हें विश्वास है कि वह इस किरदार के साथ पूरा न्याय करेंगी।
साल 1914 में छपे प्रसिद्ध उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास पर आधारित 'परिणीता' फिल्म विद्या बालन के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह प्रदीप सरकार के डायरेक्शन में बनी पहली फिल्म थी, जिसे विधु विनोद चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया था।
10 जून 2005 को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई इस फिल्म में सैफ अली खान, संजय दत्त, राइमा सेन और दीया मिर्जा ने भी मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर न केवल जबरदस्त सफलता हासिल की, बल्कि सभी ने विद्या बालन की एक्टिंग को खूब सराहा था।