तुमको मेरी कसम मूवी रिव्यू: देखने से पहले जान लीजिये कैसी है अनुपम खेर की ये फिल्म 
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Tumko Meri Kasam Review: दमदार कहानी, जबर्दस्त एक्टिंग, फिर कहां हुई चूक, यहां पढ़ें रिपोर्ट

Tumko Meri Kasam Review: विक्रम भट्ट की फिल्म तुमको मेरी कसम सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, फिल्म की कहानी दमदार है, कलाकारों की एक्टिंग जबरदस्त है, लेकिन फिर भी एक कमी की वजह से फिल्म कमजोर जान पड़ती है।

अनिल सिंह

Tumko Meri Kasam Review: अनुपम खेर, इश्वाक सिंह और अदा शर्मा अभिनीत फिल्म 'तुमको मेरी कसम' सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। फिल्म को अच्छा शुरुआती रिस्पांस भी मिल रहा है। दर्शक फिल्म की कहानी और कलाकारों की एक्टिंग को पसंद करते नजर आ रहे हैं। यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है, इस फिल्म में आईवीएफ तकनीक के अग्रणी डॉक्टर अजय मुर्डिया की कहानी को दिखाया गया है। फिल्म की कहानी दमदार है और कलाकारों की एक्टिंग जबरदस्त है, लेकिन फिल्म के प्रेजेंटेशन में कमी नजर आती है। स्टोरी टेलिंग के मामले में फिल्म कमजोर पड़ जाती है।

फिल्म की कहानी अजय मुर्डिया (अनुपम खेर) की केस से शुरू होती है। अजय मुड़िया पर राजीव खोसला (मेहरजान माजदा) की हत्या के प्रयास का आरोप है। राजीव खोसला अजय मुर्डिया के चपरासी का बेटा है। फिल्म की कहानी दो हिस्सों में बंटी हुई है। अजय मुर्डिया के किरदार को जवानी के किरदार (इश्वाक सिंह) और वृद्धावस्था के किरदार में दिखाया गया है और दोनों कहानी समानांतर तरीके से पिरोने की कोशिश की गई है। जवानी के अजय मुर्डिया की यह कहानी है कि वह आईवीएफ तकनीक को विकसित करता है और देश में पहली बार इस तकनीक से बच्चा पैदा करने की बात करता है, लेकिन उसे सामाजिक विरोध का सामना करना पड़ता है। तब उसका साथ उसकी पत्नी इंदिरा (अदा शर्मा) देती है और कई मुश्किलों के बावजूद अजय मुर्डिया अपनी इरादे में कामयाब हो जाते हैं। उन पर जो केस चल रहा था, उसका क्या हुआ और वृद्धावस्था की कहानी क्यों दिखाई गई है, इसके लिए आपको फिल्म देखना होगा।

फिल्म की कहानी और कलाकारों की एक्टिंग जबरदस्त है, सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदार के साथ न्याय किया है और अच्छी एक्टिंग की है, फिल्म में म्यूजिक भी ठीक-ठाक है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी बेहतर है। सिनेमेटोग्राफी भी कमाल की है। लेकिन फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों को बांधकर रख पाने में कामयाब होगी इसमें थोड़ा संशय है, क्योंकि कहानी का स्टोरी टेलिंग हिस्सा कमजोर नजर आ रहा है। पास्ट और प्रजेंट की कहानी को एक ही पटल पर दिखाने के चक्कर में कन्फ्यूजन पैदा होने की वजह से कहानी कमजोर हो जाती है। फिल्म में कुछ रहस्य अनसुलझे दिखाए गए हैं, जिनका जवाब फिल्म के खत्म होने के बाद भी दर्शकों को नहीं मिलता और यही कारण है कि फिल्म बेहतरीन होने के बावजूद दर्शकों की नाराजगी झेल सकती है। सच्ची कहानी पर आधारित फिल्म और अच्छी एक्टिंग देखने के शौकीन है तो आप यह फिल्म जरूर देख सकते हैं। मजा आएगा।

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