The Kerala Story 2 Support: कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म 'द केरल स्टोरी 2' का टीजर रिलीज होते ही देशभर में बहस छिड़ गई है। फिल्म में हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर जबरन धर्मांतरण और 'लव जिहाद' जैसे संवेदनशील मुद्दों को बेहद मार्मिक तरीके से फिल्माया गया है। जहां एक ओर फिल्म को लेकर राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है, वहीं दूसरी ओर देश के प्रतिष्ठित संत-समाज ने फिल्म के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है।
अयोध्या से लेकर ऋषिकेश तक के संतों का मानना है कि यह फिल्म कड़वी सच्चाई को साहस के साथ पेश कर रही है और इसका विरोध करने वाले लोग राष्ट्रविरोधी मानसिकता के शिकार हैं।
अयोध्या के जगतगुरु परमहंस आचार्य ने आईएएनएस (IANS) से बातचीत में फिल्म के टीजर की सराहना की। उन्होंने कहा, "आज एक भी हिंदू लड़की सुरक्षित नहीं है क्योंकि जिहादियों ने उन्हें अपना निशाना बना लिया है। दिल्ली में हाल ही में हुई घटनाएं इसका प्रमाण हैं। जो लोग 'द केरल स्टोरी 2' का विरोध कर रहे हैं, वे देश की बेटियों की सुरक्षा के दुश्मन हैं। सरकार को अब 'लव जिहाद' के खिलाफ बेहद कठोर कानून बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।"
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फिल्म के समर्थन में उतरे सीताराम दास महाराज ने विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देखने वाली हमारी बेटियों का जीवन प्रेम जाल में फंसाकर बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया, "सच्चाई दिखाने में आखिर क्या अपराध है? फिल्म का विरोध करने वाले लोग आतंकवादी और देशद्रोही सोच के हैं। 'द केरल स्टोरी 2' वास्तविकता का आईना है जिसे पूरे देश को देखना चाहिए।"
नासिक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी और ऋषिकेश के स्वामी नारायण दास ने भी फिल्म को जिहादी मानसिकता का पर्दाफाश करने वाला बताया। रविंद्र पुरी ने सनातनियों से एकजुट होकर अपनी बहन-बेटियों की रक्षा करने का आह्वान किया। वहीं, स्वामी नारायण दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी का जबरन धर्मांतरण करना 'महापाप' है और इस कृत्य का समर्थन करने वाले लोग भी समान रूप से दोषी और पापी हैं।