Highlights:
नसीरुद्दीन शाह ने SRFTI के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया
संस्थान ने छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक भविष्य पर चिंता जताई
बीजेपी ने शाह के बयान की जांच कराने की मांग की
Naseeruddin Shah Supports SRFTI Students: कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और वाइस चांसलर संतोष अजमेरा के साथ कथित मारपीट को लेकर विवाद बढ़ गया है। इसी बीच अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के छात्रों के समर्थन में किया है। शाह के बयान से मामला और गरमा गया है। संस्थान ने आरोप लगाया कि इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। संस्थान ने घटना के बाद कई छात्रों को निष्कासित कर दिया है।
संस्थान के प्रशासन का कहना है कि हालिया कदम 500 से अधिक छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं। संस्थान ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है जिसमें विदेशी ताकतें और विपक्षी दल कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई (M) शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने SRFTI के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं।
शाह ने छात्रों को कथित राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बताते हुए दावा किया कि बीजेपी देश के भविष्य के फिल्म निर्माताओं को प्रभावित करने या उन्हें डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
बीजेपी सांसद और प्रवक्ता राहुल सिन्हा ने नसीरुद्दीन शाह के बयान की जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेता की टिप्पणियों के पीछे किसी व्यापक साजिश की भूमिका हो सकती है। सिन्हा ने विपक्षी दलों और विदेशी ताकतों से जुड़ी साजिश की आशंका भी जताई। उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और CPI(M) का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर सकती हैं।
SRFTI की रिपोर्ट के मुताबिक, परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए CCTV कैमरे लगाने के प्रस्ताव का छात्रों के एक समूह ने विरोध किया था। प्रशासन का दावा है कि इससे संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और पूरे परिसर के लोगों की संरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हुईं।
संस्थान के मुताबिक, परिसर में विवाद 27 सितंबर को उस समय शुरू हुआ, जब प्रदर्शनकारी छात्र एक कार्यक्रम के दौरान मुख्य ऑडिटोरियम में प्रवेश कर गए। प्रशासन का दावा है कि कार्यक्रम के लिए उचित अनुमति ली गई थी और इस दौरान मारपीट तथा तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। इसके बाद संस्थान के वाइस चांसलर संतोष अजमेरा पर हमले की घटना सामने आई।
SRFTI की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 4 अक्टूबर को करीब 250 प्रदर्शनकारी छात्रों ने रात 11 बजे तक अजमेरा को मुख्य द्वार पर रोके रखा। इसके बाद 6 अक्टूबर से लगभग 50 से 60 छात्रों के एक समूह ने करीब दो दिनों तक उनके कार्यालय पर कब्जा किए रखा।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान वाइस चांसलर की कुर्सी को नुकसान पहुंचाया गया और कार्यालय में तोड़फोड़ हुई। 15 अक्टूबर को शुभम नाम के एक छात्र पर अजमेरा के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया। इसके अगले दिन उनके कार्यालय पर पत्थरबाजी की घटना भी सामने आई। इन घटनाओं के संबंध में रिपोर्ट में संस्थान का पक्ष दिया गया है। आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच के निष्कर्षों को देखना जरूरी होगा। -एजेंसी इनपुट के साथ