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सलमान खान ने साफ किया कि फिल्म 'मातृभूमि' चीन के खिलाफ नहीं बनाई गई है।
उन्होंने सरकार के दबाव में स्क्रिप्ट बदलने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया।
फिल्म में सैनिकों और उनके परिवारों के दर्द और संघर्ष को दिखाया जाएगा।
Salman Khan Film Maatrubhumi: सलमान खान की अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' लंबे समय से चर्चा में बनी हुई है। फिल्म की घोषणा के समय इसका नाम 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। साल 2025 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को 2020-2021 के भारत-चीन सीमा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, बाद में फिल्म का नाम बदलने और कहानी में बदलाव की खबरों के बाद कई तरह की अटकलें लगने लगीं।
सलमान खान ने मुंबई में आयोजित फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में इन सभी सवालों का जवाब दिया है। ट्रेलर लॉन्च के दौरान सलमान खान से पूछा गया कि क्या सरकार ने फिल्म की कहानी में बदलाव करवाए हैं? इस पर उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया। सलमान ने कहा कि यह नैरेटिव कि फिल्म चीन के खिलाफ है या सरकार ने दबाव बनाकर स्क्रिप्ट बदलवाई है, पूरी तरह बकवास है। इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
सलमान खान ने बताया कि फिल्म का मकसद किसी देश के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि सैनिकों और उनके परिवारों के दर्द को दिखाना है। फिल्म में भारतीय और दूसरे पक्ष के सैनिकों का नजरिया भी दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिक एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, लेकिन जब परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि देश की रक्षा के लिए आमने-सामने आना पड़ता है, तो उन्हें ऐसा करना होता है।
बातचीत के दौरान सलमान खान ने मजाकिया अंदाज में यह भी बताया कि निर्देशक अपूर्व लखिया का शुरुआती वर्जन थोड़ा अलग था। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। सलमान ने यह भी साफ किया कि 'मातृभूमि' कोई बायोपिक नहीं है।
सलमान ने बताया कि फिल्म की असली प्रेरणा उनके पिता और मशहूर लेखक सलीम खान की एक बात से मिली है। उन्होंने कहा था कि युद्ध में जब कोई गोली अपने निशाने पर लगती है, तो वह सीधे सैनिक की मां के दिल तक पहुंचती है। यही विचार फिल्म की आत्मा है।
चीन के साथ रिश्तों पर फिल्म मातृभूमि के असर को लेकर पूछे गए सवाल पर सलमान ने जैकी चैन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर जैकी चैन चीन में कोई फिल्म बनाते हैं, तो क्या भारतीय सेना उन पर हमला कर देगी? बिल्कुल नहीं। सलमान का कहना था कि फिल्म बनाना किसी देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना नहीं है।