रवि किशन (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
मनोरंजन

रवि किशन के बयान से भड़के लोग, NEET पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद

Ravi Kishan Troll: नीट परीक्षा धांधली पर बयान देने पहुंचे बीजेपी सांसद रवि किशन की जुबान फिसल गई। उन्होंने पेपर की जगह अखबार लीक कह दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर वे बुरी तरह ट्रोल हो गए।

यति सिंह

Ravi Kishan On NEET paper leak controversy: देश भर में इन दिनों NEET परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर माहौल काफी गरमाया हुआ है। छात्रों का गुस्सा सड़कों से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक देखने को मिल रहा है। इस संवेदनशील माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बीजेपी सांसद और पॉपुलर एक्टर रवि किशन अपनी एक छोटी सी गलती की वजह से लोगों के निशाने पर आ गए हैं। गंभीर मुद्दे पर बयान देते समय उनकी जुबान ऐसी फिसली कि अब इंटरनेट पर जमकर ट्रोल हो रहे है।

संसद भवन परिसर में जब संसद सत्र खत्म हुआ तो मीडियाकर्मियों ने रवि खिशन को घेर लिया। पत्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आश्वासन पर प्रतिक्रिया मांग रहे थे जिसमें उन्होंने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। रवि किशन भी पूरे तेवर के साथ माफियाओं को कड़ा संदेश देने के मूड में थे। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ अन्याय करने वाले आरोपियों को ऐसी मिसाली सजा मिलनी चाहिए कि कोई दोबारा ऐसी जुर्रत न करे।

सख्त बयान में अचानक निकल गया अजीब शब्द

अपना बयान देते-देते रवि किशन के मुंह से एक ऐसा शब्द निकल गया जिसने पूरे बयान का रुख ही बदल दिया। उन्होंने गलती से NEET पेपर लीक कहने के बजाय NEET अखबार लीक कह दिया।

हालांकि यह बात साफ थी कि उनका इरादा पेपर लीक से ही था। इसके बावजूद सोशल मीडिया के इस दौर में लोगों ने उनकी इस चूक को हाथों-हाथ लिया और देखते ही देखते यह बयान चर्चा का विषय बन गया।

सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक्स की आई बाढ़

जैसे ही इस बयान की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई इंटरनेट यूजर्स ने रिएक्शन देने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर रवि किशन के इस बयान के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप वायरल होने लगे।

कई यूजर्स ने चुटकी लेते हुए लिखा कि सांसद महोदय को शायद यह भी नहीं पता कि लीक पर्चा हुआ है या सुबह का अखबार। देखते ही देखते इस चूक पर हंसने वाले मीम्स और फनी जोक्स की झड़ी लग गई।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठन और सीजेपी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते दिनों पुलिस और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली थी। ऐसे गंभीर समय में जनप्रतिनिधियों के बयानों में थोड़ी सी भी लापरवाही जनता के गुस्से को और बढ़ा देती है, जिससे विवाद और गहरा जाता है।

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