Highlights:
रणवीर सिंह की फिल्म के गानों ने बढ़ाया देश का मान
बॉलीवुड से ग्लोबल म्यूजिक तक छाया रणवीर सिंह की फिल्म का जादू
ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए भेजे गए 'धुरंधर: द रिवेंज' के गाने
Dhurandhar The Revenge Song Submitted For Grammy Awards: बॉक्स ऑफिस पर अपना ताबड़तोड़ कलेक्शन के जरिए रिकॉर्ड बनाने वाली फिल्म धुरंधर द रिवेंज अब ग्लोबल मंच पर अपनी धाक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
टी-सीरीज और बी62 स्टूडियोज की तरफ से यह जानकारी शेयर की गई है कि इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के बेहतरीन म्यूजिक को दुनिया के सबसे फेमस ग्रैमी अवॉर्ड्स की दौड़ में शामिल किया गया है। डायरेक्टर और संगीतकारों की कड़ी मेहनत अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल करती दिखाई दे रही है।
फिल्म की इस शानदार जर्नी के पीछे इसके संगीत का बहुत बड़ा हाथ रहा है। म्यूजिक डायरेक्टर शाश्वत सचदेव के कंपोजिशन को विजुअल मीडिया के लिए सर्वश्रेष्ठ संकलन साउंडट्रैक की श्रेणी के तहत विचार के लिए भेजा गया है।
फिल्म के एल्बम में शामिल गानों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसके अलावा फिल्म के पॉपुलर ट्रैक जान से गुजरते हैं और कन्हैया को सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन की श्रेणी में नामांकित करने के लिए प्रस्तुत किया गया है, जो इसकी धुनों की रूहानी गहराई को दर्शाता है।
इस लिस्ट में केवल 1 या 2 नहीं बल्कि कई पॉपुलर सॉन्ग ने अपनी जगह बनाई है जो विभिन्न संगीत शैलियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। गाने फिर से को विजुअल मीडिया के लिए लिखे गए बेस्ट सॉन्ग की श्रेणी में जगह मिली है, जबकि एनर्जेटिक ट्रैक आरी आरी को सर्वश्रेष्ठ एशियाई पॉप संगीत प्रदर्शन के रूप में शामिल किया गया है।
इसके अलावा वारी जावां को सर्वश्रेष्ठ डांस और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग, हम प्यार करने वाले को सर्वश्रेष्ठ रीमिक्स रिकॉर्डिंग, और डेस्टिनी मान अटकेया को सर्वश्रेष्ठ रैप प्रदर्शन की लिस्ट में स्थान दिया गया है। जाए सजना को भी सर्वश्रेष्ठ पॉप युगल या ग्रुप परफॉमेंस के लिए नॉमिनेट किया गया है।
इस बड़े ऐलान के बाद से ही फैंस के बीच उत्साह का माहौल है, लेकिन जानकारों का यह भी मानना है कि यह अभी केवल विचार और समीक्षा के लिए भेजी गए गाने हैं। इसका सीधा अर्थ यह नहीं है कि रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को लास्ट नॉमिनेशन या कोई ट्रॉफी मिल चुकी है।
किसी भी गीत या एल्बम को फाइनल रेस में पहुंचने के लिए रिकॉर्डिंग ग्रैमी अवॉर्ड्स की तमाम पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है और उसके बाद एक लंबी वोटिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। हालांकि इस कदम ने भारतीय संगीत को एक नया वैश्विक मंच जरूर प्रदान कर दिया है।