अरुण गोविल और कुमार विश्वास (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)  
मनोरंजन

'रामायण' इवेंट में अरुण गोविल ने भावुक किस्सा सुनाया, नमित मल्होत्रा ने बताई फिल्म बनाने की बड़ी वजह

Arun Govil Ramayana Event: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'रामायण: प्रथम संकल्प' इवेंट में अरुण गोविल ने भगवान राम से राजा दशरथ बनने तक का अपना भावुक सफर शेयर किया।

सोनाली झा

Ramayana Pratham Sankalp Event: दिल्ली के भारत मंडपम में नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' का भव्य 'प्रथम संकल्प' और रेड कारपेट इवेंट आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फिल्म की पूरी टीम ने शिरकत की और दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर निर्माता नमित मल्होत्रा, अभिनेता अरुण गोविल, कवि कुमार विश्वास और सितार वादक ऋषभ शर्मा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। पूरे कार्यक्रम का माहौल भक्ति, संस्कृति और भारतीय परंपरा से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम में सबसे भावुक पल तब आया जब अरुण गोविल ने अपने अभिनय सफर को याद किया। उन्होंने बताया कि जब रामानंद सागर की टीवी 'रामायण' बन रही थी, तब उन्होंने भगवान राम का किरदार निभाने की इच्छा जताई थी, लेकिन शुरुआत में उन्हें यह भूमिका नहीं मिली। अरुण गोविल ने कहा कि राम जी अपना काम करवाने के लिए चुनते हैं। पहले मुझे रिजेक्ट किया गया, दूसरे रोल ऑफर किए गए, लेकिन मैंने मना कर दिया।

अरुण गोविल ने कही ये बात

अरुण गोविल ने आगे कहा कि आखिर में रामानंद सागर जी ने कहा कि तुम जैसा राम हमें नहीं मिल सकता। उन्होंने आगे बताया कि अब नितेश तिवारी की फिल्म में वह राजा दशरथ का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म के सेट पर हमेशा आध्यात्मिक माहौल महसूस होता था और पूरी टीम ने बेहद अनुशासन और समर्पण के साथ काम किया।

कुमार विश्वास ने बताया राम कथा का महत्व

कवि कुमार विश्वास ने मंच से भगवान राम की कथा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला महाकाव्य है। उन्होंने इस भव्य फिल्म को बनाने के लिए पूरी टीम और मेकर्स का आभार भी व्यक्त किया।

नमित मल्होत्रा ने बताया क्यों चुनी रामायण

फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि उनकी कंपनी विजुअल इफेक्ट्स के लिए आठ ऑस्कर जीत चुकी है, लेकिन वह दुनिया के सामने भारत की सबसे महान कहानी को भव्य रूप में प्रस्तुत करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि जब मैंने सोचा कि कौन-सी कहानी हमारी पहचान है, तब सिर्फ रामायण का ही नाम सामने आया। कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध सितार वादक ऋषभ शर्मा ने भक्तिमय प्रस्तुति देकर माहौल को और भी दिव्य बना दिया।

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