Ramanand Sagar Ramayan TV Show: 70 और 80 के दशक में पले-बढ़े लोगों के लिए रविवार की वह सुबह आज भी यादों में जीवंत होगी, जब सड़कें सूनी हो जाती थीं और पूरा परिवार एक साथ टीवी के सामने बैठ जाता था। भारतीय टीवी जगत के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो चुकी रामानंद सागर की कालजयी 'रामायण' एक बार फिर दर्शकों के दिलों में भक्ति का रस घोलने आ रही है।
देश के प्रमुख फ्री-टू-एयर चैनलों में शुमार सोनी पल ने अपने दर्शकों को एक ऐसी सौगात देने का फैसला किया है, जो न केवल पुरानी यादों को ताजा करेगी बल्कि नई पीढ़ी को भी हमारी अनमोल सांस्कृतिक धरोहर से वाकिफ कराएगी। इस ऐतिहासिक धारावाहिक का प्रसारण आने वाली 6 जुलाई से हर रोज रात 8 बजे किया जाएगा, जिसे लेकर दर्शकों के बीच अभी से भारी उत्साह देखा जा रहा है।
साल 1987 का वह दौर सचमुच अद्भुत था जब देश में पहली बार छोटे पर्दे पर रामायण का प्रसारण शुरू हुआ था। कुल 78 कड़ियों वाली यह महान गाथा महज एक टीवी शो नहीं थी, बल्कि यह करोड़ों देशवासियों की श्रद्धा, अटूट विश्वास और भावनाओं का जीवंत प्रतीक बन चुकी थी।
उस समय जब रामायण सीरियल का प्रसारण होता था, तो लोग अपने घरों को साफ-सुथरा करके और अगरबत्ती जलाकर स्क्रीन के सामने बैठते थे। इतने सालों के बाद भी इस सीरियल का जादू और इसकी पॉपुलैरिटी रत्ती भर भी कम नहीं हुई है। आज के आधुनिक दौर में जब मनोरंजन के साधन बदल चुके हैं, तब भी इस पौराणिक गाथा की प्रासंगिकता वैसी ही बनी हुई है जैसी 3 दशक पहले थी।
सोनी पल चैनल ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब दर्शकों के बीच आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक सीरियल की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे पहले भी सोनी पल पर प्रसारित होने वाले हनुमान और यशोमती मैया जैसे भक्ति रस से सराबोर सीरियल को जनता ने हाथों-हाथ लिया था।
इन कार्यक्रमों को मिले अपार प्रेम और जबरदस्त प्रतिक्रिया से उत्साहित होकर ही चैनल प्रबंधन ने अपनी आध्यात्मिक श्रृंखला को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मन बनाया है। इसी कड़ी में अब भगवान श्रीराम की इस पावन और प्रेरणादायक जीवन यात्रा को शामिल किया जा रहा है, जो भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी के बीच दर्शकों के मन को असीम शांति, धैर्य और शाश्वत जीवन के मूल्यों से जोड़ने का एक अद्भुत जरिया बनेगी।
रामायण के प्रसारण को लेकर सोनी पल के आधिकारिक प्रवक्ता ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। प्रवक्ता अनुसार रामायण केवल एक पौराणिक कथा मात्र नहीं है, बल्कि यह पूरे भारतवर्ष की सामूहिक चेतना, साझा स्मृतियों और गहरी आस्था का एक अभिन्न अंग है।
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यह एक ऐसी अमर गाथा है जो समय और काल की सीमाओं को लांघकर आज भी हर वर्ग के लोगों को आपस में जोड़ने और उन्हें सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करने की बेहतरीन क्षमता रखती है। रामायण के दोबारा प्रसारण के जरिए चैनल एक बार फिर अपने करोड़ों दर्शकों तक बेहद अर्थपूर्ण, मूल्यवान और सीधे दिल को छू लेने वाले पारिवारिक मनोरंजन को पहुंचाने की अपनी सामाजिक और नैतिक प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।
बता दें कि रामानंद सागर की रामायण में भगवान श्री राम का किरदार अरुण गोविल, माता सीता का किरदार दीपिका चिखलिया, लक्ष्मण का किरदार सुनील लहरी और हनुमान का किरदार दारा सिंह ने निभाया था।