Ravi Kishan Daughter Ishita Shukla Army Career: सिनेमा जगत और ग्लैमर की चकाचौंध से भरे माहौल में पले-बढ़े युवाओं के लिए एक्टिंग क्षेत्र में करियर बनाना एक बेहद सहज और आकर्षक विकल्प माना जाता है। हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बने-बनाये रास्तों पर चलने के बजाय अपनी अलग पहचान और देशभक्ति का सफर चुनते हैं।
फेमस एक्टर और सांसद रवि किशन की बेटी इशिता शुक्ला ने कुछ ऐसा ही अनुकरणीय फैसला लेकर हर किसी का दिल जीत लिया है। फिल्मी दुनिया में अपना करियर बनाने के बजाय उन्होंने भारत सरकार की अग्निपथ योजना के तहत रक्षा बलों में शामिल होकर सेना का हिस्सा बनने का संकल्प लिया है। उनका यह फैसला केवल फैंस के बीच ही नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग की बड़ी हस्तियों के बीच भी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
एंटरटेंमेंट इंडस्ट्री में रवि किशन की एक स्थापित पहचान है, और उनकी दूसरी बेटी रीवा किशन भी एक्टिंग के क्षेत्र में एक्टिव हैं। ऐसे में इशिता के पास भी बॉलीवुड में कदम रखने का बेहद सुगम अवसर उपलब्ध था। इसके बावजूद उन्होंने चकाचौंध से दूर रहकर राष्ट्रीय सेवा और सैन्य अनुशासन का कठिन मार्ग चुना।
इशिता का रुझान बचपन से ही देशभक्ति और कठिन प्रशिक्षण की ओर रहा है। वह नेशनल कैडेट कोर की एक एक्टिव कैडेट के रूप में दिल्ली डायरेक्टरेट की 7 गर्ल्स बटालियन से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने कड़ाके की ठंड में कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के लिए भी महीनों तक कड़ा अभ्यास किया था। उनकी इसी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें वर्ष 2023 में महिला अग्निवीर बनने के सपने तक पहुंचाया।
इशिता शुक्ला की इस अनुकरणीय यात्रा ने बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर आर माधवन का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है। माधवन ने इस खबर को देखकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया और इशिता के इस साहसी फैसले की सराहना की।
दरअसल, आर माधवन का खुद भी सेना और सैन्य जीवन से गहरा और पुराना जुड़ाव रहा है। अपने कॉलेज के दिनों में वह महाराष्ट्र के बेहतरीन एनसीसी कैडेट्स में गिने जाते थे। सिर्फ 22 साल की उम्र में उन्हें 7 अन्य कैडेट्स के साथ इंग्लैंड जाकर ब्रिटिश आर्मी, रॉयल नेवी और रॉयल एयरफोर्स के साथ विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिला था।
आर माधवन खुद भी भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहते थे, लेकिन उम्र सीमा में केवल 6 महीने की कमी के कारण उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका था। यही वजह है कि इशिता के इस फैसले ने उनके दिल को गहराई से छू लिया।
इशिता के इस फैसले पर उनके पिता रवि किशन ने हमेशा गर्व जताया है। उन्होंने कई मौकों पर सोशल मीडिया पर अपनी बेटी के कड़े परिश्रम और उसके राष्ट्र सेवा के लक्ष्य को लेकर दिल छू लेने वाले पोस्ट शेयर किए हैं। इससे पहले वरिष्ठ एक्टर अनुपम खेर ने भी इशिता की प्रशंसा करते हुए उन्हें देश की लाखों बेटियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया था।