legendary Singer Death News: लाखों दिलों को छूने वाली आवाज की मल्लिका मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन के बाद संगीत प्रेमियों और फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि 'प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायकी ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक जगत को समृद्ध बनाया।'
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'उन्होंने अपने गीतों के जरिए संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। ऊं शांति।"
सुमन कल्याणपुर ने भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर को अपनी गायकी से यादगार बना दिया। सुमन कल्याणपुर ने कई सदाबहार गीतों को अपनी आवाज से अमर बनाया और संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास पहचान बनाई। उनकी आवाज की मिठास और सुरों की गहराई ने उन्हें भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में शामिल किया।
‘ना ना करते प्यार तुम ही से’और ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। उनकी आवाज की मिठास और गायकी का अंदाज उन्हे अपने दौर की मशहूर गायिकाओं में शामिल करता हैं। कई दशकों तक अपने गीतों से लोगों का मनोरंजन करने वाली सुमन कल्याणपुर ने हिंदी के साथ-साथ कई अन्य भाषाओं में भी गाने गाए। उनके योगदान को भारतीय संगीत जगत हमेशा याद रखेगा। सुमन कल्याणपुर लोकप्रिय गीतों में 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' जैसे गीत शामिल हैं। सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'पसंत आहे मुलगी' से की थी। उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत 'भातुकलीच्या खलमांडिला' माना जाता है। वर्ष 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल था। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच हुए मतभेद के दौरान सुमन कल्याणपुर ने रफी के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत गाए।
भारतीय जगत में सुमन कल्याणपुर का बहुत ही अहम योगदान रहा हैं। अपने करियर में उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती और कई अन्य भाषाओं में यादगार गीत गाए। उनकी मधुर आवाज़ और संगीत के प्रति समर्पण ने उन्हें देश की सबसे सम्मानित गायिकाओं में शामिल किया। कला और संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से भी नवाजा था। उनके गीत और उनकी विरासत हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगे।