नंदिता दास (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
मनोरंजन

Nandita Das Story: नवाजुद्दीन सिद्दीकी को मंटो बनाने के लिए नंदिता दास ने की थी 5 साल रिसर्च, आसान नहीं था सफर

Nandita Das Journey Story: 'फिराक' के बाद निर्देशन छोड़ने का फैसला कर चुकीं नंदिता दास को मंटो की जिंदगी ने दोबारा फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। जानिए 'मंटो' से 'ज्विगाटो' तक का उनका दिलचस्प सफर।

सोनाली झा

Highlights

  • नंदिता दास ने साल 2008 में फिल्म 'फिराक' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था।

  • फिल्म की खराब डिस्ट्रीब्यूशन से निराश होकर उन्होंने दोबारा फिल्म नहीं बनाने की कसम खा ली थी।

  • सआदत हसन मंटो की कहानियों और जिंदगी ने उन्हें दोबारा निर्देशन के लिए प्रेरित किया।

Nandita Das Birthday Special Story: अभिनेत्री और निर्देशक नंदिता दास बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान रखती हैं। वह हमेशा ऐसी फिल्मों और किरदारों का हिस्सा बनी हैं, जो मनोरंजन के साथ समाज की सच्चाई भी सामने लाते हैं। अभिनय के अलावा नंदिता को निर्देशन में भी काफी दिलचस्पी रही है। हालांकि, उनकी पहली निर्देशित फिल्म 'फिराक' का अनुभव इतना निराशाजनक रहा था कि उन्होंने दोबारा फिल्म नहीं बनाने की कसम खा ली थी। लेकिन उर्दू के मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो की जिंदगी और उनकी कहानियों ने नंदिता के अंदर निर्देशन का जुनून फिर से जगा दिया।

नंदिता दास ने साल 2008 में फिल्म 'फिराक' से फीचर फिल्म निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। यह फिल्म साल 2002 के गुजरात दंगों के बाद आम लोगों की जिंदगी पर आधारित थी। इसमें नसीरुद्दीन शाह, परेश रावल, संजय सूरी, दीप्ति नवल और खुद नंदिता दास नजर आई थीं। फिल्म में दंगों के बाद लोगों के मन में पैदा हुए डर, आपसी अविश्वास और रिश्तों में आई दूरी को दिखाया गया था।

मंटो की कहानियों ने बदला फैसला

'फिराक' के बाद नंदिता अभिनय और दूसरे कामों में व्यस्त हो गईं। इसी दौरान साल 2012 में उर्दू लेखक सआदत हसन मंटो की 100वीं जयंती के मौके पर उनके लेखन और जिंदगी को लेकर कई चर्चाएं हुईं। नंदिता ने मंटो की कहानियों और उनके विचारों को करीब से पढ़ना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्हें महसूस हुआ कि मंटो की जिंदगी और उनकी बेबाक सोच पर फिल्म बननी चाहिए। इस तरह उनके मन में दोबारा निर्देशन करने की इच्छा जागी।

नंदिता दास

पांच साल की रिसर्च के बाद बनी मंटो

मंटो की जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए नंदिता ने जल्दबाजी नहीं की। उन्होंने करीब पांच साल तक रिसर्च की। इस दौरान मंटो के परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उनके जीवन से जुड़ी कई जानकारियां जुटाईं। आखिरकार साल 2018 में उनकी फिल्म 'मंटो' रिलीज हुई। इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सआदत हसन मंटो और रसिका दुग्गल ने उनकी पत्नी सफिया का किरदार निभाया। फिल्म का प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ था।

ज्विगाटो से फिर दिखाई निर्देशन की ताकत

'फिराक' और 'मंटो' के बाद नंदिता दास ने निर्देशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। साल 2023 में उनकी फिल्म 'ज्विगाटो' रिलीज हुई, जिसमें कपिल शर्मा और शाहाना गोस्वामी मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फिल्म गिग इकोनॉमी और डिलीवरी वर्कर्स की जिंदगी की चुनौतियों पर आधारित थी। नंदिता का सफर बताता है कि एक मुश्किल अनुभव के बाद भी अगर किसी कहानी से जुड़ाव हो, तो वह इंसान को दोबारा अपने जुनून की तरफ लौटा सकता है।

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