Kishore Kumar Emergency Ban: हिंदी सिनेमा जगत में अपनी आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाले किशोर कुमार की आवाज आज भी लोगों के दिलों में राज करती है।
हालांकि उनके जीवन में एक समय ऐसा भी आया था, जब उनकी आवाज को लोगों तक पहुंचाने से रोकने की साजिश रची गई थी।
हाल ही में किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने अपने पिता के करियर से जुड़ा एक ऐसा राज खोला है, जिसने कई संगीतप्रेमियों को चौंका दिया है।
बताया जाता है कि साल 1975 से 1977 के बीच में जब इमरजेंसी के दौरान किशोर कुमार के गानों के प्रसारण पर ऑल इंडिया रेडियो यानी आकाशवाणी और दूरदर्शन पर रोक लगा दी गई थी।
किशोर कुमार के बेटे और गायक अमित कुमार ने अभिनेता-कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में इस घटना से जुड़ा किस्सा सुनाया था। अमित कुमार के अनुसार, 1975 में इमरजेंसी लागू होने के समय किशोर कुमार प्लेबैक सिंगिंग के टॉप सिंगर्स में शामिल थे।
अमित कुमार के अनुसार, किशोर कुमार को दिल्ली से मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी का फोन आया था। अधिकारी ने उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली आने को कहा और बताया कि उनके लिए टिकट भेजा जा रहा है।
अमित कुमार ने बताया कि किशोर कुमार ने कार्यक्रम में खुद जाने के बजाय अपनी ओर से किसी प्रतिनिधि को भेजने की बात कही। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह तभी आएंगे, जब उन्हें बातचीत के लिए प्रतिनिधि भेजने की अनुमति होगी।
अमित कुमार के अनुसार, किशोर कुमार के इस जवाब से अधिकारी नाराज हो गए और उन्हें बैन करने की धमकी दी गई। उनके दावे के अनुसार, फोन कॉल के कुछ समय बाद ही किशोर कुमार के गानों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई।
बताया जाता है कि यह रोक करीब एक साल तक चली। हालांकि, इस दौरान किशोर कुमार की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई। इमरजेंसी खत्म होने के बाद उनके गाने एक बार फिर रेडियो और दूरदर्शन पर सुनाई देने लगे।