'मंदिर-मस्जिद की राजनीति से नहीं बदलेगी बिहार की तस्वीर': खेसारी लाल का NDA पर तीखा हमला 
मनोरंजन

'20 साल चाचा को दिए 5 साल भतीजा को दीजिए' खेसारी लाल ने मंदिर मस्जिद की राजनीति पर कसा तंज

Bihar Election: भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने बिहार चुनाव में मंदिर-मस्जिद की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा, '20 साल चाचा को दिए, अब 5 साल भतीजा को दीजिए।' उन्होंने रोज़गार पर ज़ोर दिया।

अनिल सिंह

StartFragment

Khesari Lal Yadav Bihar Election: भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और राजद (RJD) नेता खेसारी लाल यादव ने बिहार चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर-मस्जिद की राजनीति पर करारा तंज कसा है। शेरघाटी की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए खेसारी लाल ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमला बोला और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने भावुक अंदाज़ में मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, "20 साल चाचा को दिए, अब 5 साल भतीजा (तेजस्वी यादव) को दीजिए।"

खेसारी लाल यादव ने साफ किया कि बिहार की प्रगति का रास्ता धार्मिक विभाजन से नहीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और शिक्षा के माध्यम से निकलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेता बार-बार मतदाताओं को विकास की बात से भटकाकर मंदिर-मस्जिद और सनातन धर्म के मुद्दों पर उलझाना चाहते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "मंदिर जरूरी है, लेकिन क्या अस्पताल बनाना जरूरी नहीं है? क्या नौकरियां जरूरी नहीं हैं?" उन्होंने बेरोजगारी को ही नफरत फैलने का मुख्य कारण भी बताया।

'200 मंदिर बना डालो': NDA को खुला चैलेंज

खेसारी लाल यादव ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे केवल राम मंदिर के नाम पर वोट मांगते हैं, तो उन्हें पहले बिहार में अस्पतालों, कॉलेजों और रोज़गार के बारे में बात करनी चाहिए। उन्होंने यहाँ तक चुनौती दी कि "अगर मंदिर से हमारे बच्चों का भविष्य तय होता है, तो मैं चाहता हूं कि 200 मंदिर बिहार में बना डालो।" उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर बनाना जरूरी है, लेकिन उसके साथ ही बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

मुद्दों की राजनीति पर जोर: रोजगार और शिक्षा

राजद के समर्थन में प्रचार कर रहे खेसारी लाल यादव ने लोगों से तेजस्वी यादव को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने तेजस्वी यादव को एक नई सोच का नेता बताया, जो हमेशा रोजगार और पलायन रोकने की बात करते हैं। खेसारी ने मतदाताओं को याद दिलाया कि उन्हें मंदिर-मस्जिद या सनातन की बात करने के लिए वोट नहीं दिया गया था, बल्कि लोगों को बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और बेहतर रोज़गार चाहिए। उनका यह बयान चुनावी माहौल में विकास बनाम धर्म की बहस को और गरमा रहा है।

विरोधी नेताओं से जुबानी जंग

खेसारी लाल का यह बयान भोजपुरी इंडस्ट्री के उनके साथियों, जैसे दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' और पवन सिंह, के साथ चल रही उनकी जुबानी जंग को भी हवा दे रहा है। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तिगत विवादों से बिहार के विकास का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि जब विकास की बात कही जाती है, तो विरोधी नेता 'जंगलराज' का डर दिखाकर या धर्म की बात करके लोगों को उलझा देते हैं। खेसारी लाल के अनुसार, मतदाता इस बार मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और व्यवस्था परिवर्तन चाहते हैं।

EndFragment

Vande Mataram Controversy: साध्वी प्राची का कांग्रेस पर हमला, बोली- गांधी परिवार के डीएनए में जिन्ना का DNA

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

ISI कनेक्शन और बड़ी साजिश! सुखबीर बादल पर हमलों को लेकर भड़कीं हरसिमरत, गृहमंत्री से की NIA जांच की मांग

Vande Mataram Controversy: सोनिया गांधी के बचाव में कांग्रेस-TMC-DMK, CPI-M ने पूछा- पार्टी का रुख क्या है?

लगातार किया गया बदनाम...पूर्व मंत्री आशीष बनर्जी की मौत पर छलका ममता बनर्जी का दर्द, कहा- झूठे आरोप लगाए गए