द ट्रेटर्स के लिए क्यों करण जौहर हैं परफेक्ट होस्ट  
मनोरंजन

स्टाइल, सस्पेंस और स्वैग में बेजोड़, जानें द ट्रेटर्स के लिए क्यों करण जौहर हैं परफेक्ट होस्ट

करण जौहर द ट्रेटर्स गेम के लिए परफेक्ट हैं, क्योंकि उनके अंदर जो करिश्मा, ह्यूमर और इमोशनल समझ है। इतना ही नहीं करण जौहर को इस तरह के ड्रामा की गहराई से समझ है।

सोनाली झा

मुंबई: द ट्रेटर्स जैसे शो में जहां स्ट्रैटेजी ही सर्वाइवल है और शक हर कोने में है, वहां होस्ट की भूमिका सिर्फ दिखावे की नहीं होती, वो बहुत जरूरी होती है। इसलिए करण जौहर इस गेम के लिए परफेक्ट हैं, उनके अंदर जो करिश्मा, ह्यूमर और इमोशनल समझ है, वो इस सायकोलॉजिकल रियलिटी शो को और भी दिलचस्प बना देता है।

शाही महल के अंदर बसे द ट्रेटर्स में 20 सेलेब्स एक ऐसे गेम में उतरते हैं जहां भरोसा और माइंड गेम्स की असली परीक्षा होती है। जैसे-जैसे रिश्ते टूटते हैं और शक गहराता है, करण वहीं होते हैं चुपचाप, सबकुछ देख रहे, पर कुछ भी न कहने वाले। वो सबकुछ समझते हैं, कुछ नहीं बोलते और फिर भी सबकुछ बदल देते हैं।

क्योंकि द ट्रेटर्स का होस्ट वो होना चाहिए जो एक साथ नरम भी हो और रौबदार भी, आकर्षक भी हो लेकिन किसी के बहकावे में न आए। ऐसा इंसान जो पूरे कमरे पर कंट्रोल रखे, लेकिन खुद खेल को प्रभावित न करे। ये ज़िम्मेदारी है संयम, सही टाइमिंग और एक खास तरह की शांति की और करण ये सब पूरे कॉन्फिडेंस के साथ लेकर आते हैं। वो सिर्फ दर्शकों के लिए नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के लिए भी हैं, एक शांत ऑब्जर्वर जो सबकुछ देखता है और होस्ट और रहस्य के बीच की बारीक रेखा पर चलता है।

सालों तक यादगार कहानियां गढ़ने और एक मंझे हुए होस्ट के तौर पर काम करने के बाद, करण जौहर को ड्रामा की हर परत की गहराई से समझ है। उन्हें टेंशन, किरदार और इरादों की नब्ज पता है। लोगों को क्या बांधे रखता है, इसका उनका जो इंस्टिंक्ट है, वही उन्हें इस शक और चालाकी से भरी दुनिया के लिए परफेक्ट बनाता है।

प्राइम वीडियो लेकर आ रहा है द ट्रेटर्स का इंडियन एडॉप्शन जो कि IDTV के बफ्ता और एमी अवॉर्ड जीत चुके ग्लोबल फॉर्मेट पर आधारित है। ऑल3मीडिया इंटरनेशनल के साथ मिलकर बनाए गए इस शो का प्रीमियर 12 जून को होगा। द ट्रेटर्स एक्सक्लूसिव तौर पर प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगा, और इसके नए एपिसोड्स हर गुरुवार रात 8 बजे रिलीज होंगे।

Jantar Mantar Protest LIVE: दिल्ली पुलिस ने अनुराग ढांडा और आतिशी को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया

Gandhian Freedom Struggle: महात्मा गांधी के वो आंदोलन जिन्होंने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की नींव

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका, SIT जांच से फॉरेंसिक ऑडिट तक, 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई

आकाश आनंद ने फिर खेला बुआ कार्ड, मायावती से मांगी माफी, कहा- कभी किसी और पार्टी में नहीं जाऊंगा

अलनीनो के कहर से देश के 282 जिलों में सूखे का खतरा, महाराष्ट्र और कर्नाटक होंगे सबसे अधिक प्रभावित