Janmashtmi Special Krishna Movies: 4 सितंबर 2026 को पूरे भारत में जन्माष्टमी का त्योहार धूम-धाम से मनाया जाएगा। जन्माष्टमी पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है, घरों में भगवान कृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं और भक्त आधी रात को कान्हा के जन्म का इंतजार करते हैं। ऐसे में अगर आप इस खास मौके पर भगवान कृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं को पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो कई फिल्में आपकी इस जन्माष्टमी को और खास बना सकती हैं।
बॉलीवुड में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित कई फिल्में बनायी गई है। लगभग एक सदी पहले दादा साहेब फाल्के ने कृष्ण के जन्म पर फिल्म बनाई थी। इसके बाद कृष्ण के बचपन, वृंदावन की लीलाओं, बलराम के साथ उनके कारनामों और कंस वध की कहानी पर कई फिल्में दर्शकों के सामने आयी थी।
साल 1918 में रिलीज हुई श्री कृष्ण जन्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में खास महत्व रखती है। इस साइलेंट फिल्म का निर्देशन और लेखन दादा साहेब फाल्के ने किया था। फिल्म में भगवान कृष्ण के जन्म की कहानी को दिखाया गया था। इस फिल्म में दादा साहेब फाल्के की बेटी मंदाकिनी फाल्के ने कृष्ण की भूमिका निभाई थी। डी.डी. दाबके और पुरुषोत्तम वैद्य भी कलाकारों में शामिल थे। साइलेंट फिल्म होने के कारण इसमें संवादों की जगह उस दौर की दृश्य कहानी कहने की शैली का इस्तेमाल किया गया था।
साल 1971 में आयी श्री कृष्ण लीला में भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर उनके मथुरा पहुंचने और कंस के साथ संघर्ष तक की कहानी दिखाई गई है। फिल्म का निर्देशन होमी वाडिया ने किया था। कहानी में कंस को भविष्यवाणी से पता चलता है कि देवकी का आठवां पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। इसके बाद देवकी और वासुदेव को कैद कर दिया जाता है। कृष्ण के जन्म के बाद उन्हें गोकुल पहुंचाया जाता है, जहां उनका बचपन बीतता है। बड़े होने के बाद कृष्ण अपने मामा कंस का सामना करते हैं।
साल 2006 में रिलीज हुई एनिमेशन फिल्म कृष्णा द बर्थ बच्चों और परिवार के साथ देखने के लिए बनाई गई फिल्मों में शामिल है। राजीव चिलाका के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी भगवान कृष्ण के जन्म से शुरू होती है। कंस को भविष्यवाणी होती है कि देवकी का आठवां पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। इसके बाद देवकी और वासुदेव को बंदी बना लिया जाता है। कृष्ण के जन्म के बाद वासुदेव उन्हें गोकुल पहुंचाते हैं। आगे बाल कृष्ण की लीलाओं की कई महत्वपूर्ण घटनाओं और राक्षसों से उनके संघर्ष को एनिमेशन के जरिए दिखाया गया है।
अगर जन्माष्टमी पर बच्चों के साथ कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी फिल्म देखने का प्लान है, तो कृष्ण इन वृंदावन एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकती है। साल 2007 में आई इस एनिमेशन फिल्म का निर्देशन भी राजीव चिलाका ने किया था। फिल्म में वृंदावन में कृष्ण और उनके दोस्तों के जीवन को दिखाया गया है। बाल कृष्ण की शरारतों के साथ उनके साहस और राक्षसों से मुकाबले की घटनाएं कहानी का हिस्सा हैं। कृष्ण और बलराम के कारनामों को रोमांचक एनिमेशन के माध्यम से पेश किया गया है।
साल 2007 में आई एनिमेशन फिल्म कृष्ण कंस वध कहानी को कृष्ण और बलराम के मथुरा पहुंचने से आगे बढ़ाती है। कंस दोनों भाइयों को मथुरा बुलाता है, जहां उनका सामना शक्तिशाली पहलवानों से होता है। इसके बाद कहानी कृष्ण और कंस के अंतिम मुकाबले की ओर बढ़ती है। करीब 69 मिनट लंबी इस एनिमेशन फिल्म में कृष्ण और बलराम की वीरता और कंस के अत्याचार के अंत की कहानी को बच्चों के लिए मनोरंजक अंदाज में पेश किया गया है।