हुमा कुरैशी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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'देशभक्ति का मतलब चुप रहना नहीं', CJP प्रदर्शन के बीच हुमा कुरैशी ने लोकतंत्र पर रखी अपनी बात

Huma Qureshi On Democracy: हुमा कुरैशी ने CJP प्रदर्शन के बीच लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध, सवाल पूछना और जवाबदेही की मांग करना बुनियादी अधिकार हैं।

सोनाली झा

Highlights

  • हुमा कुरैशी ने CJP प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को लेकर पोस्ट साझा की।

  • हुमा कुरैशी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध और जवाबदेही की मांग करना बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार हैं।

  • हुमा कुरैशी ने साफ किया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति का समर्थन नहीं कर रही हैं।

Huma Qureshi Instagram Post: अभिनेत्री हुमा कुरैशी अपने बेबाक विचारों के लिए जानी जाती हैं। अब उन्होंने दिल्ली में CJP के विरोध-प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और शांतिपूर्ण असहमति के महत्व पर अपनी बात रखी है। हुमा ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक को सवाल पूछने और जवाबदेही की मांग करने का अधिकार होना चाहिए।

हुमा कुरैशी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा पोस्ट में लिखा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सवाल पूछना, असहमति जताना और जवाबदेही की मांग करना कोई अपराध नहीं है। अभिनेत्री के मुताबिक, लोकतंत्र में नागरिकों को बिना किसी डर या उत्पीड़न के अपनी बात रखने की आजादी मिलनी चाहिए।

मैं किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं हूं

हुमा कुरैशी ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने से उन लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचता है, जिन्हें बनाए रखने की बात की जाती है। अपनी पोस्ट में हुमा ने राजनीतिक समर्थन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लिखा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति के साथ नहीं हैं, बल्कि उन नागरिकों के साथ खड़ी हैं, जो जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

अभिनेत्री ने आगे कहा कि देश के प्रति उनका प्यार ही उन्हें अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि खुलकर बोलने पर उन्हें गालियों, निजी हमलों या पेशेवर नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उन्हें अपनी बात रखने पर कोई पछतावा नहीं है और न ही उन्हें अपनी देशभक्ति साबित करने की जरूरत महसूस होती है।

देशभक्ति का मतलब चुप रहना नहीं

हुमा कुरैशी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए लिखा कि देशभक्ति का अर्थ चुप रहना नहीं है और लोकतंत्र का मतलब बिना सवाल किए हर बात मान लेना भी नहीं है। उन्होंने कहा कि असहमति जताने का अर्थ देश-विरोधी होना नहीं है। अभिनेत्री की इस पोस्ट में नागरिक स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण विरोध और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है। उनके संदेश का मुख्य भाव यही है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को बिना डर के अपनी आवाज उठाने का अधिकार मिलना चाहिए।

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