Suneel Lodhi Eye Treatment: संगीत और आस्था के अनूठे संगम से बनी फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ रही है। फिल्म की अपार सफलता के बीच इसके पॉपुलर बुंदेली भजन को अपनी आवाज देने वाले युवा गायक सुनील लोधी की किस्मत भी बदल गई है। जन्म से ही दृष्टिहीन सुनील ने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उनकी इसी अद्भुत गायकी और संघर्ष से प्रभावित होकर मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भोपाल बुलाकर सम्मानित किया।
मुलाकात के दौरान सुनील लोधी ने अपना तंबूरा बजाते हुए फिल्म का फेमस गाना 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई' गाकर सुनाया। उनका भावपूर्ण गाने से मुख्यमंत्री मोहन यादव बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद डॉ. मोहन यादव के कहने पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भजन भी सुनाया। इस दौरान सुनील के माता-पिता भी वहां मौजूद थे, जिनका राज्य सरकार की ओर से शॉल और श्रीफल से सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुनील की प्रतिभा की तारीफ करते हुए राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सम्मान राशि देने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने गायक की आंखों की रोशनी वापस लाने के लिए डॉक्टरों से उचित इलाज कराने का भी भरोसा दिया। सरकार उनकी औपचारिक संगीत पढ़ाई पूरी कराने का खर्च भी उठाएगी, जिससे वे अपने हुनर को और ज्यादा निखार सकें।
मध्य प्रदेश के सागर जिले से ताल्लुक रखने वाले सुनील लोधी की जीवन यात्रा बेहद दुखदायी रही है। बचपन में ही एक गंभीर बीमारी के कारण उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी। परिवार की आर्थिक तंगहाली के चलते उन्हें अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए ट्रेनों और सार्वजनिक जगहों पर गाकर गुजारा करना पड़ता था। सोशल मीडिया के जरिए से उनका हुनर लोगों तक पहुंचा, जिसके बाद उन्हें हनुमान अंश फिल्म में बुंदेली गीत गाने का ऐतिहासिक मौका मिला।
संत नीम करोली बाबा के विचारों पर आधारित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर नया इतिहास रचा है। फिल्म हनुमान अंश के इस भक्ति गीत के सुपर-हिट होने से बुंदेली लोक संगीत को भी नेशनल लेवल पर बड़ी पहचान हासिल हुई है। सीमित संसाधनों और आंखों की रोशनी न होने के बाद भी सफलता की इस ऊचांइयों तक पहुंचे सुनील लोधी का सफर आज देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।