Hanuman Ansh Producer Anupriya Nagar: फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर हर किसी को हैरान कर दिया है। संत नीम करोली बाबा के विचारों से प्रेरित इस प्रोजेक्ट की सक्सेस जितनी अनूठी है, उतना ही दिलचस्प इसके पीछे का सफर भी है। महज 21 साल की उम्र में इस ऐतिहासिक कामयाबी को हासिल करने वाली प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर का फिल्मों से पहले कोई सीधा नाता नहीं रहा है।
अनुप्रिया नागर यूके में इकॉनोमिक्स की पढ़ाई कर रही थीं और पढ़ाई पूरी करने के बाद स्विट्जरलैंड में नौकरी करने की प्लान बना रही थीं। कला और संस्कृति के माहौल में पली-बढ़े होने के कारण उन्हें आर्ट सेक्टर में काम करने का अवसर मिल रहा था। हालांकि, कॉलेज के आखिरी साल में बड़ी टेक कंपनियों पर रिसर्च करते समय उनकी नजर एक स्पेशल आर्टिकल पर पड़ी। उस आर्टिकल को पढ़कर उनकी सोच में एक बड़ा बदलाव आया, जिसने उनकी पूरी जीवन यात्रा को एक नई दिशा दे दी।
अनुप्रिया को एक आर्टिकल से पता चला कि एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स पर नीम करोली बाबा का गहरा प्रभाव था। कैंची धाम की यात्रा के दौरान ही उन्हें कलर कंप्यूटर बनाने की प्रेरणा मिली थी। यह जानकर उन्हें काफी आश्चर्य हुआ कि एक महान भारतीय संत के बारे में जानकारी विदेशी सोर्स से मिल रही है। इसी बात ने उन्हें इस विषय पर गहराई से रिसर्च करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने भारत लौटने और इस प्रेरणादायक कहानी को बड़े पर्दे पर लाने का साहसिक निर्णय लिया।
जब अनुप्रिया नागर ने अपने परिवार के सामने फिल्म हनुमान अंश बनाने की इच्छा जताई, तो शुरुआत में उनके पिता थोड़े असहज थे। हालांकि, जब उन्हें पता चला कि यह विषय संत नीम करोली बाबा से जुड़ा है, तो वे फौरन सहमत हो गए। अनुप्रिया नागर ने कई इंडरव्यू में साफ किया है कि उनका उद्देश्य कभी भी प्रॉफिट कमाना नहीं था। वे केवल इस आध्यात्मिक संदेश को लोगों तक पहुंचाना चाहती थीं, लेकिन दर्शकों के अपार प्यार ने इसे एक ऐतिहासिक व्यावसायिक सफलता बना दिया।
2 करोड़ रुपये से भी कम के मामूली बजट में बनी हनुमान अंश ने सिनेमाघरों में अपनी पकड़ मजबूत रखी। बिना किसी भारी-भरकम प्रचार के केवल दर्शकों के पॉजिटिव रिस्पॉन्स के दम पर फिल्म ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। यंग प्रोड्यूसर का मानना है कि यह सफलता उनके लिए एक सपने जैसी है। यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि कहानी में सच्चाई और गहराई हो, तो दर्शक उसे दिल से स्वीकार करते हैं।