Devoleena Bhattacharjee On IAS Tukaram Mundhe: छोटे पर्दे की जानी-मानी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी अक्सर सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने महाराष्ट्र के कड़क और ईमानदार नौकरशाह माने जाने वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के बार-बार हो रहे तबादलों पर गहरी चिंता जताई है। देवोलीना ने सोशल मीडिया के जरिए से अधिकारी के पक्ष में एक भावुक और विचारोत्तेजक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने देश की प्रशासनिक व्यवस्था और ईमानदारी की कीमत पर कड़े सवाल दागे हैं। उनका यह बयान अब इंटरनेट पर काफी चर्चा में आ गया है।
आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे की पहचान एक बेहद सख्त, अनुशासित और जनहित में कड़े फैसले लेने वाले सिविल सेवक के रूप में रही है। अपने लगभग 2 दशक के सेवाकाल में उन्हें अनगिनत बार तबादले का सामना करना पड़ा है।
हाल ही में हुए एक और तबादले के बाद यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। आम जनता के साथ-साथ अब मनोरंजन जगत की हस्तियां भी इस बात से आहत हैं कि जो अधिकारी जनता के लिए निष्पक्षता से काम करता है, उसे ही बार-बार व्यवस्था के दबाव में अपना पद छोड़ना पड़ता है।
देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपनी पोस्ट में आईएएस मुंढे की कार्यशैली की खुलकर सरहाना की। उन्होंने लिखा कि एक सच्चा और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी जब बिना किसी समझौते के अपना काम करता है, तो उसे बार-बार हटाने की कोशिश की जाती है।
देवोलीना ने अफसोस जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने के बजाय उनका तबादला कर दिया जाता है। उनका यह बयान यह दर्शाता है कि एक आम नागरिक के मन में इस तरह की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कितनी हताशा भरी हुई है।
तुकाराम मुंढे का करियर हमेशा से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और जनसुविधाओं में सुधार की कोशिशों के लिए जाना गया है। चाहे नागपुर हो, नासिक हो या मुंबई, उन्होंने जहां भी जिम्मेदारी संभाली, वहां अवैध निर्माणों और गड़बड़ियों पर करारा प्रहार किया।
हालांकि, उनके इसी सख्त रवैये के कारण अक्सर राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक हलकों में विरोध के स्वर उठते रहे। 20 साल की सर्विस में 20 से अधिक बार तबादला होना इस बात का सबूत है कि निडर होकर काम करने वाले अफसरों के लिए सिस्टम में टिके रहना कितना कठिन चुनौती भरा काम होता है।
देवोलीना भट्टाचार्जी के इस रिएक्शन के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके सपोर्ट में उतर आए हैं। बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने अभिनेत्री की बात से सहमति व्यक्त करते हुए लिखा कि देश को तुकाराम मुंढे जैसे और अधिक निडर अधिकारियों की आवश्यकता है।
लोगों का मानना है कि यदि ईमानदार अफसरों को काम करने की आजादी नहीं मिलेगी, तो प्रशासनिक तंत्र से आम नागरिक का भरोसा उठ जाएगा। देवोलीना के इस कदम ने न केवल एक अधिकारी के प्रति सम्मान जताया है, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक जरूरी बहस भी छेड़ दी है।