CINTAA 11 Members Resign: भारतीय मनोरंजन जगत के कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली प्रमुख संस्था सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी सिंटा इस समय अपनी ही अंदरूनी कलह के कारण चर्चाओं में है। संस्था के अंदर लंबे समय से पनप रहा असंतोष अब सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। संगठन की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने हाल ही में खुलासा किया कि संस्था के 11 सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इनमें से 8 सदस्य ऐसे थे जिन्हें बकायदा चुनाव के जरिए चुना गया था। इस अचानक हुए इस्तीफे के बाद से न सिर्फ टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई है, बल्कि संस्था के सिस्टम पर भी उंगलियां उठने लगी हैं।
उपासना सिंह ने पूरी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि इस्तीफा देने वाले सभी सदस्यों ने अपने लेटर सीधे उन्हें ही सौंपे हैं। इन लेटर्स में केवल पद छोड़ने की बात ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बेहद गंभीर और चिंताजनक कारण भी दर्ज किए गए हैं। कलाकारों का आरोप है कि संगठन के भीतर पदों का खुलकर दुरुपयोग किया जा रहा है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। इस घटनाक्रम के सामने आते ही मनोरंजन जगत के अन्य कलाकार भी दंग रह गए हैं, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर सामूहिक इस्तीफा पहले कभी देखने को नहीं मिला था।
इस पूरे विवाद के केंद्र में वरिष्ठ एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों का नाम प्रमुखता से आ रहा है। इस्तीफा देने वाले सदस्यों का साफ रूप से कहना है कि ये दोनों वरिष्ठ पदाधिकारी किसी अन्य सदस्य की राय नहीं सुनती हैं। संस्था के सभी निर्णय मनमाने ढंग से लिए जा रहे हैं और निष्पक्षता की अनदेखी हो रही है।
बिना किसी ठोस या जायज प्रूफ के सदस्यों को कारण बताओ नोटिस भेज दिए जाते हैं। इतना ही नहीं, कलाकारों की भूमिकाएं बदल दी जाती हैं और कई बार उनकी सदस्यता भी अचानक खत्म कर दी जाती है। इस प्रकार के प्रशासनिक व्यवहार से कई सदस्य मानसिक रूप से बेहद परेशान और प्रताड़ित महसूस कर रहे थे।
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी सिंटा के संविधान और नियमों पर नजर डालें तो इस स्थिति के कानूनी मायने बहुत बड़े हैं। संस्था के नियमानुसार, यदि कार्यकारिणी के आधे या उससे अधिक सदस्य अपने पदों से इस्तीफा दे देते हैं, तो पूरी कमेटी स्वतः ही भंग मानी जाती है।
11 सदस्यों के हटने के बाद अब संस्था में बिल्कुल ऐसी ही संवैधानिक स्थिति पैदा हो चुकी है। इस गतिरोध को सुलझाने के लिए अब नए सिरे से चुनाव कराना ही एकमात्र कानूनी रास्ता बचता है। उपासना सिंह ने यह मांग उठाई है कि आने वाले चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी निगरानी सरकारी रजिस्ट्रार के माध्यम से ही कराई जानी चाहिए।
बता दें कि सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी सिंटा की अध्यक्ष जानी-मानी दिग्गज एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों हैं। जिन्हें मई 2024 में उनके लिए यह पद के लिए चुना गया था।