अविनाश ध्यानी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
मनोरंजन

हिमालय की गोद में फिल्म सिटी बना रहे फिल्ममेकर अविनाश ध्यानी, युवाओं को मिलेगा सुनहरा मौका

Uttarakhand Film City: फिल्ममेकर अविनाश ध्यानी ने उत्तराखंड के चकराता में फिल्म सिटी बनाई है। इससे स्थानीय युवाओं को फिल्म इंडस्ट्री में रोजगार, प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा दिखाने के नए अवसर मिलेंगे।

सोनाली झा

Highlights

  • फिल्ममेकर अविनाश ध्यानी ने उत्तराखंड के चकराता में 'अविनाश ध्यानी फिल्म सिटी' का निर्माण किया है।

  • फिल्म सिटी का मकसद स्थानीय युवाओं को फिल्म इंडस्ट्री में रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर देना है।

  • अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग, लाइटिंग और प्रोडक्शन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में युवाओं को मंच मिलेगा।

Avinash Dhayani Film City: फिल्म '72 आवर्स' से अपनी खास पहचान बनाने वाले जाने-माने निर्देशक और अभिनेता अविनाश ध्यानी ने उत्तराखंड के सिनेमा और स्थानीय युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अविनाश ने चकराता की खूबसूरत वादियों, देवदार के जंगलों और हिमालय की गोद में ‘अविनाश ध्यानी फिल्म सिटी’ का निर्माण किया है। इस पहल के बाद अब उत्तराखंड के युवाओं को अपने फिल्मी सपनों को साकार करने के लिए मुंबई या दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि सिनेमा निर्माण से जुड़ी हर अत्याधुनिक सुविधा अब उनके अपने राज्य में ही उपलब्ध होगी।

उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता के बावजूद शूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और उससे जुड़ी चुनौतियों पर बात करते हुए अविनाश ध्यानी ने कहा कि 'उत्तराखंड प्राकृतिक सुंदरता और हिमालय की वादियों से समृद्ध है, लेकिन यहां शूटिंग की बुनियादी सुविधाओं का अभाव हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। जब मैंने अपनी फिल्मों की शूटिंग शुरू की, तो मुझे हर छोटे सेट जैसे पुलिस स्टेशन, अस्पताल या गांव के लिए अलग-अलग भटकना पड़ता था। इससे बजट और समय दोनों की काफी बर्बादी होती थी।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार और कला का मंच

इस फिल्म सिटी का मुख्य उद्देश्य राज्य से युवाओं के पलायन को रोकना और उन्हें मनोरंजन उद्योग में रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है। अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग, लाइटिंग, साउंड और प्रोडक्शन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम सीखने और करने का मौका मिलेगा। अविनाश ध्यानी का मानना है कि पहाड़ का युवा अपनी मिट्टी से जुड़े रहकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के सपनों की उड़ान भर सकता है।

प्राकृतिक सुंदरता बनेगी गानों और दृश्यों का अहम हिस्सा

चकराता में स्थित ADFC की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक लोकेशन है। चारों ओर देवदार के विशाल वृक्ष, हिमालय की बर्फानी चोटियां और ढलते सूरज के मनमोहक दृश्य इस जगह को शूटिंग के लिए बेहद खास बनाते हैं। रोमांटिक गानों, भावुक सीन्स और गीतों के फिल्मांकन के लिए यह फिल्म सिटी निर्देशकों को एक अनोखा अनुभव देती है, जहां प्रकृति स्वयं कैमरे के सामने एक किरदार की तरह नजर आती है।

तू तुम और मैं और VC-571 की शूटिंग से हुई शुरुआत

यह फिल्म सिटी केवल एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां फिल्मों का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। अविनाश ध्यानी की आगामी फिल्म ‘तू तुम और मैं’ की शूटिंग यहीं चल रही है। इसके अलावा, प्रथम विश्व युद्ध के विक्टोरिया क्रॉस विजेता वीर सैनिक राइफलमैन गबर सिंह नेगी के जीवन पर आधारित ऐतिहासिक वॉर-ड्रामा फिल्म ‘VC-571’ के लिए यहां युद्धकालीन खाइयां और बड़े सेट तैयार किए जा रहे हैं।

फिल्म उद्योग के विकास का पूरा जिम्मा सरकार पर नहीं छोड़ा जा सकता

उत्तराखंड सरकार की फिल्म नीति और निजी प्रयासों के संतुलन पर बात करते हुए अविनाश ध्यानी ने अंत में कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा दी जा रही फिल्म सब्सिडी और नीतियां सराहनीय हैं, लेकिन फिल्म उद्योग के विकास का पूरा जिम्मा सरकार पर नहीं छोड़ा जा सकता। एक फिल्ममेकर होने के नाते समाज और अपने राज्य के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी बनती है। ADFC सरकारी नीतियों और निजी प्रयासों का एक ऐसा अनूठा संगम है, जो उत्तराखंड की कहानियों को पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत और टिकाऊ आधार तैयार कर रहा है।

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