मुंबई: फिल्मों को लेकर कंट्रोवर्सी आजकल आम बात हो गई है। 'द केरला स्टोरी' को लेकर उठा विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि पुष्पेंद्र सिंह की फिल्म 'अजमेर 92' को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कई लोगों ने इस फिल्म को अल्पसंख्यक समुदाय खिलाफ बताते हुए इसे बैन करने की मांग की है।
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जरीना वहाब, सयाजी शिंदे, मनोज जोशी और राजेश शर्मा स्टारर 'अजमेर 92' को रियल बेस्ड स्टोरी बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि यह मूवी 30 साल पहले अजमेर में टीनएज लड़कियों पर हुए आपराधिक हमले पर बेस्ड है।
जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने फिल्म के कंटेंट पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि, 'यह फिल्म अजमेर शरीफ की दरगाह को बदनाम करने के लिए बनी फिल्म है। इसलिए इस फिल्म को बैन कर देना चाहिए। दरअसल इन अपराधों में कई ऐसे लोग भी शामिल थे, जो एक खास वर्ग से आते थे। मदनी ने इसे समाज में दरार पैदा करने वाली फिल्म बताया है। पुष्पेंद्र सिंह की फिल्म 'अजमेर 92' 14 जुलाई को रिलीज होने वाली है।