

अमित शाह की सैलरी और भत्तों का विवरण लेख में दिया गया है
2024 के हलफनामे में दंपति की संयुक्त संपत्ति लगभग ₹65.67 करोड़ दर्ज थी
अमित शाह की व्यक्तिगत संपत्ति लगभग ₹36.55 करोड़ बताई गई है
Amit Shah Salary and Net Worth: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले अमित शाह की सैलरी, सरकारी सुविधाओं और उनकी संपत्ति को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी रहती है। आखिर गृह मंत्री के तौर पर उन्हें हर महीने कितनी सैलरी मिलती है? उनके पास कितनी संपत्ति है और साल 2012 से 2024 के बीच उनकी संपत्ति में कितना बदलाव आया? आइए जानते हैं अमित शाह की कमाई, निवेश, जमीन-जायदाद और चुनावी हलफनामों में दर्ज संपत्ति का पूरा हिसाब-किताब।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आय का एक प्रमुख स्रोत सांसद के तौर पर मिलने वाला वेतन और भत्ते हैं। इसके अलावा, चुनावी हलफनामे में उनकी आय के स्रोतों में किराये से होने वाली कमाई, कृषि और शेयरों से मिलने वाले लाभांश का भी उल्लेख है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के 2024 के चुनावी आंकड़ों में इन स्रोतों की जानकारी दी गई है।
अमित शाह की मासिक सैलरी और भत्तों का ब्योरा इस प्रकार है:
मूल वेतन (Basic Salary): ₹1,24,000 प्रति माह
निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: ₹87,000 प्रति माह
दैनिक भत्ता: ₹75,000 प्रति माह
अन्य भत्ते: ₹2,000 प्रति माह
गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर रहने के कारण अमित शाह को सरकारी कामकाज के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इनमें सरकारी आवास, आधिकारिक वाहन, सुरक्षा व्यवस्था और पात्रता के अनुसार चिकित्सा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर उनका वर्तमान पता नई दिल्ली स्थित 6-ए, कृष्णा मेनन मार्ग है। हालांकि, सरकारी सुविधाओं का मूल्य उनकी व्यक्तिगत कमाई या निजी संपत्ति में सीधे नहीं जोड़ा जाता। इनका उद्देश्य पद से जुड़ी आधिकारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में सहायता देना है।
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान गांधीनगर सीट से नामांकन दाखिल करते समय अमित शाह ने अपनी संपत्ति का विवरण हलफनामे में दिया था। हलफनामे के मुताबिक, अमित शाह और उनकी पत्नी सोनल शाह की कुल घोषित संपत्ति लगभग ₹65.67 करोड़ थी। इसमें अमित शाह और उनकी पत्नी की चल तथा अचल संपत्तियां शामिल हैं।
2024 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, अमित शाह की अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण इस प्रकार है:
कुल चल संपत्ति: लगभग ₹20.23 करोड़
कुल अचल संपत्ति: लगभग ₹16.32 करोड़
कुल व्यक्तिगत संपत्ति: लगभग ₹36.55 करोड़
चल संपत्ति में बैंक जमा, निवेश, शेयर और आभूषण जैसी संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, अचल संपत्ति में कृषि भूमि, भूखंड और मकान आदि शामिल हैं।
हलफनामे में अमित शाह के पास लगभग ₹17.46 करोड़ के शेयर और करीब ₹72.87 लाख के कीमती धातुओं व आभूषणों का उल्लेख है। उनके पास नकद राशि लगभग ₹24,164 दर्ज की गई थी। बैंक जमा और अन्य निवेशों का विवरण भी हलफनामे में दिया गया है।
उनकी पत्नी सोनल शाह की संपत्ति को जोड़ने पर दोनों की संयुक्त संपत्ति ₹65.67 करोड़ से अधिक बैठती है। इस संयुक्त रकम में पत्नी की चल संपत्ति लगभग ₹22.46 करोड़ और अचल संपत्ति लगभग ₹6.55 करोड़ शामिल है।
संपत्ति के साथ-साथ चुनावी हलफनामे में देनदारियों का विवरण भी दिया जाता है। 2024 के हलफनामे के अनुसार, अमित शाह और उनकी पत्नी की कुल घोषित देनदारियां लगभग ₹42.10 लाख थीं।
अमित शाह की संपत्ति में समय के साथ हुए बदलाव को समझने के लिए उनके अलग-अलग चुनावों के हलफनामे उपयोगी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनकी और उनकी पत्नी की घोषित संयुक्त संपत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
2012: गुजरात विधानसभा चुनाव के हलफनामे में अमित शाह की कुल घोषित संपत्ति लगभग ₹11.78 करोड़ थी।
2019: लोकसभा चुनाव के हलफनामे में उनकी और उनकी पत्नी की संयुक्त संपत्ति लगभग ₹40.33 करोड़ दर्ज की गई। उस समय उनकी संपत्ति में विरासत में मिली संपत्ति का भी उल्लेख चर्चा में रहा था।
2024: लोकसभा चुनाव के दौरान उनकी और उनकी पत्नी की संयुक्त संपत्ति बढ़कर लगभग ₹65.67 करोड़ दर्ज हुई।
इस तरह 2012 से 2024 के उपलब्ध चुनावी आंकड़ों में घोषित संपत्ति में बड़ा अंतर दिखाई देता है। हालांकि, संपत्ति में बढ़ोतरी का अर्थ केवल वेतन से हुई कमाई नहीं है। इसमें निवेश के मूल्य में बदलाव, विरासत, कृषि और किराये से आय तथा अन्य संपत्तियों का प्रभाव भी हो सकता है।
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में हुआ था। लोकसभा और गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह एक संपन्न गुजराती परिवार से आते हैं। उनके पिता अनिलचंद्र शाह का व्यवसाय प्लास्टिक पाइप से जुड़ा था।
राजनीति में सक्रिय होने से पहले अमित शाह अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े रहे। उन्होंने शेयर बाजार में भी काम किया था। बाद में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और धीरे-धीरे भारतीय जनता पार्टी में अपनी राजनीतिक पहचान बनाई।
गुजरात विधानसभा में उनका चुनावी सफर 1997 में शुरू हुआ। उस समय उम्मीदवारों की संपत्ति से जुड़े चुनावी हलफनामों का आज जैसा अनिवार्य और व्यवस्थित सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इसलिए राजनीति में प्रवेश के समय उनकी कुल संपत्ति कितनी थी, इसका सटीक आधिकारिक आंकड़ा बताना संभव नहीं है।