गौरव गोगोई, फोटो- नवभारत 
विधानसभा चुनाव 2026

असम विधानसभा चुनाव: विरासत में मिली राजनीति, खुद के दम पर बनाई अलग पहचान, आखिर कौन हैं असम के 'गौरव'?

Assam Elections: असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की विरासत को संभालने वाले गौरव गोगोई कांग्रेस के एक प्रखर युवा चेहरे हैं, जिन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़कर राजनीति में अपनी खास पहचान बनाई है।

प्रतीक पाण्डेय

Gaurav Gogoi Profile: असम की हरियाली और ब्रह्मपुत्र की लहरों के बीच 'गोगोई' एक ऐसा उपनाम है जिसका अपना एक अलग ऐतिहासिक और राजनीतिक वजन है। जब हम गौरव गोगोई की बात करते हैं, तो हमारे सामने एक ऐसे नेता की तस्वीर उभरती है जिसने न केवल विरासत में मिली राजनीति को अपनाया, बल्कि अपनी बौद्धिक क्षमता से उसमें नई जान भी फूंकी है।

41 वर्षीय गौरव आज कांग्रेस के उन चुनिंदा चेहरों में से एक हैं, जिनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक पूरी मजबूती के साथ सुनी जाती है। जानिए असम की राजनीति में क्यों खास है गौरव गोगोई का नाम।

कॉर्पोरेट की चमक-धमक छोड़कर रखा सियासत में कदम

4 सितंबर 1982 को जन्मे गौरव गोगोई का पालन-पोषण और शुरुआती शिक्षा दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट कोलंबा स्कूल में हुई। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने साल 2004 में इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी की मार्केटिंग टीम में काम किया और बाद में एयरटेल जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी की। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि अमेरिका से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई करने वाला यह युवा एक दिन संसद में सरकार को घेरेगा। साल 2014 में उन्होंने अपने पिता और असम के कद्दावर नेता तरुण गोगोई के नक्शेकदम पर चलते हुए कांग्रेस का दामन थामा और पहली बार कलियाबोर से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे।

पीएम मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला चेहरा

गौरव गोगोई की असली राजनैतिक धमक तब महसूस की गई जब उन्हें साल 2020 में लोकसभा में कांग्रेस का उपनेता नियुक्त किया गया। उनके करियर का सबसे चर्चित मोड़ 8 अगस्त 2023 को आया, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। उस दौरान उन्होंने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन बेहद तीखे सवाल पूछे थे। उन्होंने पूछा था कि प्रधानमंत्री ने अब तक हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया और इस पूरे मामले पर बोलने में उन्हें 80 दिन का वक्त क्यों लगा? उनकी इस प्रखरता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त विपक्षी नेता के रूप में स्थापित कर दिया था।

राजनीति से दूर कला और परिवार के बीच की अनोखी दुनिया

सियासत की कड़वाहट और संसद के हंगामे से दूर गौरव गोगोई का एक बेहद मानवीय और कलात्मक पक्ष भी है। उन्हें कोरियोग्राफी में काफी गहरी रुचि है और वे अपनी संस्कृति से जुड़ाव महसूस करते हैं। साल 2013 में उन्होंने ब्रिटेन में जन्मी एलिजाबेथ कोलबर्न के साथ सात फेरे लिए और आज उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है।

करीब 4.9 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक गौरव गोगोई के परिवार में कवियों और फिल्मकारों की लंबी फेहरिस्त है, जो उनकी सौम्य और रचनात्मक सोच को दर्शाती है। वर्तमान में जोरहाट सीट से चुनाव लड़ते हुए वे अपनी साख और विरासत दोनों को बचाने की चुनौती का सामना कर रहे हैं।

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