Adhir Ranjan Chowdhury on I-PAC: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने आज गुरुवार, (30 अप्रैल) को I-PAC के डायरेक्टर और को-फाउंडर विनेश चंदेल को जमानत दे दी। बंगाल चुनाव से ठीक पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उनकी जमानत का जांच एजेंसियों ने भी कोई विरोध नहीं किया। इस मामले में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है।
मुर्शिदाबाद में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, IPAC टीम के सदस्यों को हिरासत में इसलिए लिया गया था, क्योंकि कथित तौर पर वे चुनावों के दौरान सत्ताधारी पार्टी के लिए काम कर रहे थे। इसीलिए उन्हें डराना-धमकाना ज़रूरी था, और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया। अब चुनाव खत्म हो चुके हैं, इसलिए उन्हें हिरासत में रखने का कोई और कारण नहीं हो सकता।
कांग्रेस नेता ने कहा शायद BJP ने भी अपना रुख नरम कर लिया है, क्योंकि IPAC किसी का भी 'एक्सक्लूसिव' दोस्त नहीं है। कभी भाजपा को मदद किए तो कभी टीएमसी को मदद किए। कितने पार्टी को मदद करते हुए -PAC वाले खुद जानते है। जो पैसा देगा उनके लिए ये काम करेगा। बंगाल चुनाव खत्म होने के बाद उनका विरोध कोई नहीं करेगा। इसलिए ED ने इनका विरोध नहीं किया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र के परिणामों पर कहा, एक बार चुनाव खत्म हो जाएं, तो लोग कुछ भी कहने या अटकलें लगाने के लिए आज़ाद हैं; उन पर कोई रोक या जवाबदेही नहीं होती। बेहतर यही है कि 4 तारीख (मई) तक इंतज़ार किया जाए। वह दिन आने दीजिए, सब कुछ साफ़ हो जाएगा।
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बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी बोले कि विपक्षी दलों को ज़्यादा वोट मिले हैं। सत्ता-विरोधी लहर थी, लेकिन विपक्ष के वोट बंट गए। सारे वोट किसी एक विपक्षी दल को नहीं मिले। विपक्ष में कई दल थे: कांग्रेस, CPI(M), BJP वगैरह। हमें देखना होगा कि क्या विपक्ष ममता बनर्जी को चुनौती दे पाता है या नहीं। विपक्ष के वोटों का एक बड़ा हिस्सा BJP को मिला है।
I-PAC मामले में कोर्ट ने जांच अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि विनेश चंदेल ने जांच में पूरी तरह से सहयोग किया। ऐसे में ED के अधिकारों और दलीलों को प्रभावित किए बिना एजेंसी जमानत अर्जी का विरोध नहीं कर रही है। यह बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान खत्म होने के एक दिन बाद ही विनेश चंदेल को जमानत मिली है।