फुलंबरी विधानसभा सीट (डिजाइन फोटो) 
विधानसभा चुनाव 2026

फुलंबरी विधानसभा सीट : उम्मीदवार बदलकर हैट्रिक लगाने की फिराक में BJP, कांग्रेस भी वापसी के लिए लगा रही जोर

फुलंब्री जालना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई और 2009 में यहां पहली बार चुनाव हुआ। आज हम इस सीट का विश्लेषण करने वाले हैं।

विकास कुमार उपाध्याय

औरंगाबाद : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा हो चुकी है। चुनाव ओयोग ने इस राज्य में एक ही फेज में चुनाव कराने का आदेश दिया है। बता दें महाराष्ट्र के 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को एक ही चरण में चुनाव होने हैं और वोटों की गिनती 23 नवंबर को होनी है। ऐसे में हम हर एक विधानसभा सीट का बारी–बारी से विश्लेषण कर रहे हैं। इस बीच आज हम फुलंबरी विधानसभा सीट के बारे में विस्तार से जानेंगे, तो इसके लिए पढ़ते जाएं इस आर्टिकल को अंत तक।

फुलंबरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिमी भारत में महाराष्ट्र राज्य के 288 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। फुलंब्री जालना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है, साथ ही पांच अन्य विधानसभा क्षेत्र भी हैं, जिनमें जालना जिले में बदनापुर, जालना और भोकरदन और औरंगाबाद जिले में सिल्लोड और पैठण शामिल हैं। आपको बता दें, 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई। 2009 में यहां पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ।

फुलंबरी विधानसभा सीट पर कब किसने मारी बाजी?

वर्ष उम्मीदवार पार्टी कुल वोट
2019 हरिभाऊ किशनराव बागड़े बीजेपी 106190
2014 हरिभाऊ किशनराव बागड़े बीजेपी 73294
2009 डॉ. कल्याण वैजनाथराव काले कांग्रेस 63236

फुलंबरी विधानसभा का जातीय समीकरण

फुलंबरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र एक जेनरल कैटेगरी की विधानसभा सीट है। यह औरंगाबाद जिले में स्थित है और जालना संसदीय सीट के 6 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। फुलंबरी विधानसभा में अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 63,203 हैं। वहीं अनुसूचित जनजाति के मतदाता लगभग 6,211 हैं। फुलंबरी विधानसभा में मुस्लिम मतदाताओं की बात करें, तो यहां लगभग 37,198 मुस्लिम मतदाता हैं, जो मतदाता सूची विश्लेषण के अनुसार लगभग 11.2% है। 2019 के विधानसभा चुनाव में फुलंबरी विधानसभा के मतदाताओं का कुल मतदान 68.67 प्रतिशत रहा था।

जानिए इस बार क्या बन रहा समीकरण

फुलंबरी विधानसभा सीट के विश्लेषण में एक बात तो साफ नजर आ रही है कि यहां की जनता ने बीजेपी पर अपना भरोसा ज्यादा जताया है। यह सीट अस्तित्व में आने का बाद पहली बार यहां 2009 में चुनाव हुआ था, जिसमें कांग्रेस को जीत मिली थी। डॉ. काले कल्याण वैजनाथराव इस सीट से विधायक बने थें। फिर 2014 से इस सीट पर बीजेपी को जीत मिलती आई है और बागडे हरिभाऊ किशनराव यहां लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं।

अगर आप इस विधानसभा सीट के पीछले रिकॉर्ड्स को देखेंगे तो पाएंगे की 3 बार में 2 बार यहां की जनता ने अपना जनादेश बीजेपी को दिया है। वहीं एक बीर कांग्रेस पर भरोसा जताया है। ऐसे में इस सीट पर इस बार के विधानसभा चुनाव में पर ज्यादा चांस बीजेपी की दिखाई दे रही है। हालांकि यह तो सिर्फ एक अनुमान है बाकी तो चुनाव आयोग के नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा। हांलाकि आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि बीजेपी ने अपने 99 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है और फुलंबरी विधानसभा सीट से श्रीमती अनुराधाताई अतुल चव्हाण को इस बार के चुनावी मैदान में उतारा है।

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