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विधानसभा चुनाव 2026

वैजापुर विधानसभा सीट: शिंदे गुट की अग्नि परीक्षा, शिवसेना के गढ़ में होगी असली और नकली की लड़ाई

आकाश मसने

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का ऐलान कुछ ही दिनों में होने वाला है। चुनाव आयोग ने इस बार त्योहारों का हवाला देते हुए देरी की अन्यथा यहां पर हरियाणा के साथ ही चुनाव संपन्न कराए जाते थे। ऐसे में चुनाव का ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ है। यही वजह है कि सभी सियासी दल अपने-अपने सिपहसालार तैयार करने में जुटे में हुए हैं।

महाराष्ट्र में आयोजित होने जा रहे लोकतंत्र के इस महापर्व को लेकर हम भी सजग हैं। यही वजह है कि हम विधानसभा क्षेत्रवार इस बात के एनालिसिस में जुटे हुए हैं कि कहां पर कब और किसने जीत दर्ज की। किस विधानसभा सीट पर कब कौन हावी रहा है। वहां के जातीय समीकरण क्या कुछ कह रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम आपके बीच वैजापुर विधानसभा सीट का लेखा जोखा लेकर हाजिर हैं।

वैजापुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र औरंगाबाद जिले में स्थित महाराष्ट्र विधानसभा के छह निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। इस सीट के इतिहास पर नजर डाले तो पता चलता है कि यहां शुरूआती दौर में कांग्रेस का दबदबा रहा। लेकिन इस बाद इस सीट पर शिवसेना ने अपना वर्चस्व कायम कर लिया। 1999 से अबतक चार बार शिवसेना ने जीत दर्ज की। 2014 के विधासभा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भाऊसाहेब पाटिल चिकटगांवकर ने जीत हासिल कर शिवसेना के विजयरथ पर रोक लगाई। हालांकि 2019 के चुनाव में शिवसेना के रमेश बोरनारे ने वैजापुर विधानसभा सीट पर फिर से जीत दर्ज की।

अब तक के विधायक

  • 2019: रमेश बोरनारे, शिवसेना
  • 2014: भाऊसाहेब पाटिल चिकटगांवकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
  • 2009: रंगनाथ मुरलीदार वानी, शिवसेना
  • 2004: रंगनाथ मुरलीदार वानी, शिवसेना
  • 1999: रंगनाथ मुरलीदार वानी, शिवसेना
  • 1995: कैलाश रामराव पाटिल, कांग्रेस
  • 1990: रामकृष्ण बाबा पाटिल, कांग्रेस
  • 1985: रामकृष्ण बाबा पाटिल, कांग्रेस

क्या कहते हैं जातीय समीकरण?

सामान्य श्रेणी की इस सीट पर सामान्य और ओबीसी मतदाताओं का दबदबा रहा है। 2019 के आंकड़ों के मुताबिक यहां कुल 3 लाख 10 हजार 142 वोटर्स हैं। इस सीट पर लगभग 41,272 दलित तो 17,413 आदिवासी वोटर्स भी हैं। वैजापुर विधानसभा में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 30,549 है जो मतदाता सूची विश्लेषण के अनुसार लगभग 10 फीसदी है।

क्या है 2024 का राजनीतिक समीकरण

वैजापुर विधासभा सीट को शिवसेना का गढ़ माना जाता है। मौजूदा विधायक रमेश बोरनारे एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हैं। ऐसे में महायुति से यह सीट शिवसेना के खाते में जा सकती है। वहीं महा विकास अघाड़ी से यदि यह सीट उद्धव ठाकरे की शिवसेना लड़ती हैं तो यहां की जनता किसे असली शिवसेना का तमगा देती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।

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