Malviya Nagar Fire Accident In Lemon Green Hotel: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन नामक होटल में आग के बेहद दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अभी तक इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों के जिंदा जल जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। आग इतनी तेजी से फैला कि वहां मौजूद लोगों के पास जान बचाने के लिए इमारत की ऊपरी मंजिलों से कूदने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प ही नहीं था। चश्मदीदों ने जो बताया वह सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी।
जानकारी के मुताबिक सुबह करीब साढ़े नौ बजे होटल की इमारत में आग लगी और आग की लपटें बहुत तेजी से चारो तरफ फैल गई। धुएं और आग के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कई लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वहां आस पास के लोगों ने घटना के दौरान काफी मदद की। वे अपने घरों से गद्दे लेकर आए ताकि अंदर फंसे लोग बिल्डिंग से कूदें तो उन्हें कम चोट आए। तो वहीं आगजनी के दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर इमारत की तीसरी मंजिल से कूद गई। जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाएगी।
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एक चश्मदीद ने बताया कि वह अपनी दुकान के लिए जा रहे थे तभी उन्होंने देखा कि बिल्डिंग में आग लगी थी और इमारत से बाहर निकलने का कोई रास्ता ही नहीं था। फिर लोगों ने सड़क पर गद्दे बिछाए। एक महिला छोटे से बच्चे को लेकर तीसरी मंजिल से कूदी और उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। बहुत लोग एक के बाद एक कूदने लगे।
लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट और फ्लरिश स्टे होटल में कुल 47 लोग थे जिनमें से 21 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। सभी घायलों को मैक्स अस्पताल और एम्स के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुल लोग बुरी तरह से झुलस चुके है तो कई इमारत से कूदने के दौरान घायल है जिनके हाथ-पैर टूट गए हैं।
बता दें कि मैक्स अस्पताल के पास बने इस होटल में कुल 24 कमरे थे। जो मुख्यत: साकेत मैक्स हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए थी। लोग यहां अपनों के इलाज के लिए आते है तो यही ठहरते हैं और इलाज पूरा होने पर लौट जाते है।
माचिस के डिब्बे जैसे बने इन कमरों में ज्यादातर विदेशी लोग ठहरे हुए थे। जब आग बहुत कम समय में पूरी बिल्डिंग में फैल गई जिससे लोगों को भागने का मौका नहीं मिल पाया और लोग आग से जान बचने के लिए होटल के कमरों में बनी खिड़की के कांच तोड़ कर कूदने लगे। हालांकि इस दौरान स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही होटल में फंसे लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की। गद्दे की दुकान में रखे गद्दे सड़क पर बिछाए गए ताकि लोग ऊपर से कूदें तो उन्हें चोट कम लगे। कुछ समय बाद फायर डिपार्टमेंट की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान अपने हाथ में ली।