Swatantra Bhardwaj Gets Interim Bail: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले समेत अन्य आरोपों के संबंध में स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर अपना आदेश 15 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत मिलने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि आरोपी अगले 1-2 दिन में जेल से बाहर आ सकता है।
भारद्वाज पर एक युवती के पिता संजय कुमार पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र ने स्वयं दावा किया था कि उसने डंडे से संजय पर हमला किया और उनका सिर फोड़ दिया। स्वतंत्र का यह भी कहना था कि संजय के सिर पर 60 टांके लगे थे।
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा था कि चिराग पासवान, कपिल मिश्रा जैसे नेता उसके लिए बड़े भाई सरीखे हैं। वहीं, इस पर चिराग पासवान का भी बयान आया था और उनका कहना था कि वह शख्स उनके नाम का फायदा उठा रहा है।
साथ ही उन्होंने स्वतंत्र पर सख्त एक्शन लिए जाने की सिफारिश भी की थी। चिराग पासवान ने कहा था कि वो निशु आजाद और उसके परिवार के साथ हैं। मेरी मांग है कि उसे जल्द से जल्द न्याय दिया जाए।
सुनवाई के दौरान स्वतंत्र ने दलील दी कि उस पर एससी-एसटी और पॉक्सो की धाराएं लगाना और फिर उसकी गिरफ्तारी करवाना दरअसल राजनीतिक है।
स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से 5 सितंबर को गिरफ्तार किया था। आरोपी का पॉडकास्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पीड़ित की बेटी ने एक वीडियो बनाकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्. विपक्षी नेताओं से मदद मांगी थी।
निशु के वीडियो को बाद कांग्रेस के नेताओं, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता, कार्यकर्ताओं और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद, दिल्ली स्थित संसद मार्ग थाने गए और भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR में धाराएं जोड़ने के साथ ही एससी एसटी और पॉक्सो एक्ट लगाने की भी मांग की थी।
संजय कुमार पर हमले के मामले में भारद्वाज पर जो पहले एफआईआर दर्ज की गई थी उसमें BNS की धारा 115 (2), 126 (2) लगाई गई थी। उसका वीडियो वायरल होने के 24 घंटे के भीतर आरोपी पर मामले में अन्य गंभीर धाराएं बी जोड़ीं गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।