JNU Students vs Delhi Police: दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में चल रहे चुनावी विवाद के बीच शनिवार शाम छात्रों और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस ने लेफ्ट से जुड़े छात्रों को जेएनयू वेस्ट गेट पर रोक दिया, जिसके बाद हुई धक्का-मुक्की में 28 छात्रों को हिरासत में लिया गया। इस झड़प में छह पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में चुनावी विवाद को लेकर माहौल गर्म है। शनिवार (18 अक्टूबर 2025) शाम को लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने (PS Vasant Kunj North) की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें जेएनयू वेस्ट गेट पर रोक दिया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शाम करीब 6 बजे 70 से 80 छात्र वेस्ट गेट पर जमा हुए और उन्होंने बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने की कोशिश की। पुलिस ने पहले ही इलाके में बैरिकेडिंग कर रखी थी ताकि छात्रों को नेल्सन मंडेला मार्ग की ओर बढ़ने से रोका जा सके।
पुलिस के रोकने पर छात्रों ने बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई की और कई ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया। स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में, पुलिस ने कुल 28 छात्रों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए छात्रों में 19 पुरुष और 9 महिला छात्र शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस झड़प के दौरान छह पुलिसकर्मी (चार पुरुष और दो महिला) घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के लिए भेजा गया है।
हिरासत में लिए गए छात्रों में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष नितेश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा और महासचिव मुन्तिया फातिमा भी शामिल हैं। लेफ्ट संगठनों का आरोप है कि पुलिस भारतीय जनता पार्टी से संबद्ध छात्र संगठन एबीवीपी (ABVP) के छात्रों को संरक्षण दे रही है और उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रही। छात्रों ने कहा कि दशहरे के दिन जेएनयू कैंपस में लेफ्ट और राइट विंग के छात्रों के बीच झड़प हुई थी, लेकिन पुलिस ने केवल एकतरफा कार्रवाई की।
वहीं, पुलिस का कहना है कि वे छात्र संगठनों के नेताओं के साथ लगातार संवाद में थे और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया था। इसके बावजूद, छात्रों ने अपनी "घेराव" की घोषणा वापस नहीं ली। पुलिस ने बताया कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए छात्रों को हिरासत में लेना पड़ा।
यह भी पढ़ें: फर्रुखाबाद की ऑयल फैक्ट्री में भयानक आग, सिलेंडरों में विस्फोट मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
फिलहाल, पुलिस ने घटना को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामला दर्ज करने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्रों से शांतिपूर्वक आचरण की अपील की है।