Delhi Satya Niketan Building Collapse Rescue Operation Concluded: दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन इमारत हादसे में बचाव अभियान पूरा होने की जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार अलग-अलग एजेंसियों की लगातार कोशिशों से मलबे में दबे कई लोगों को बचाया गया है।
पुलिस ने बताया कि 6 सितंबर को सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना के बाद एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान मलबे में फंसे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। कुल 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। इलाज करा रहे 5 लोगों में से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी 20 वर्षीय छात्र अभिषेक पुत्र संतोष कुमार, छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी पुत्र कन्हैया लाल सोनी, यूपी के औरैया निवासी 17 वर्षीय छात्र पवन पुत्र विशंभर नाथ, मध्य प्रदेश के देवास निवासी 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज पुत्र भूपेंद्र जहाज, एमपी के कटनी निवासी 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव पुत्र मंता सिंह यादव, 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह पुत्र केवल सिंह और एक अज्ञात पुरुष शामिल हैं।
वहीं घायलों में 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नीतीश चिब पुत्र पवन और 18 वर्षीय मो. अयान पुत्र मो. वकील शामिल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मलबे में अब किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है। सभी एजेंसियों ने मिलकर पूरे क्षेत्र की जांच कर ली है। घटना को लेकर जांच शुरू कर दी गई है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एमसीडी ने पहले ही इस मामले में 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। -एजेंसी इनपुट के साथ