Delhi Government Action MCD Officers Suspend: दिल्ली के सत्य निकेतन में ढही बिल्डिंग मामले को लेकर दिल्ली सरकार ने सख्त एक्शन लिया है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद, दिल्ली सरकार ने 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
दिल्ली सरकार ने MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। लापरवाही बरतने पर सस्पेंड किए गए कर्मचारियों में साउथ जोन के अधिकारी शामिल हैं।
जिन लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने तुरंत प्रभाव से इन अधिकारियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया।
हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि मलबे के नीचे अभी कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
इस मामले में NDRF का बयान भी सामने आ गया है। एनडीआरएफ के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को दक्षिण दिल्ली के मोती बाग इलाके के सत्य निकेतन में एक इमारत ढह गई। इमारत गिरने और मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की खबर मिलने पर, जिला प्रशासन के अनुरोध पर NDRF ने तुरंत अपनी टीमें भेजीं।
इन टीमों के पास 'कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू' (CSSR), 'मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (MFR) और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ-साथ 'केनाइन स्क्वाड' (कुत्तों का दस्ता) भी था। NDRF की टीमें घटना स्थल पर पहुंचीं और तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया।
सत्य निकेतन मामले में बचाव अभियान की निगरानी DDMA कर रहा है, जो NDRF, दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD), सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग और पैरामेडिक्स आदि के साथ मिलकर काम कर रहा है।
NDRF के मुताबिक, सत्य निकेतन हादसे में अब तक कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें से 05 होश में हैं, 01 बेहोश है और 06 को मृत घोषित कर दिया गया है। NDRF की 4 टीमें बारी-बारी से मलबे में दबे हो सकने वाले किसी भी व्यक्ति का पता लगाने और उसे बचाने के लिए जोर-शोर से खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। यह अभियान DDMA के तहत सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर चलाया जा रहा है।