19 Year Old Delhi Nursing Student Suicide: दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के एक हॉस्टल के कमरे में बीएससी नर्सिंग की 19 वर्षीय छात्रा मृत पाई गई है। मृतका नर्सिंग के तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। इस घटना की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया है और दिल्ली पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू से इसकी जांच कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली शहर के नजफगढ़ की रहने वाली यह छात्रा शुक्रवार को अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी हुई पाई गई। घटना का पता तब चला जब उसके साथ रहने वाले अन्य छात्रों ने उसे कमरे में इस हालत में देखा। घबराए हुए सहपाठियों ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत मेडिकल सहायता के लिए पास के सर गंगा राम अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद अस्पताल के अधिकारियों ने तत्काल दिल्ली पुलिस को इस घटना की सूचना दी।
अस्पताल से सूचना मिलने के तुरंत बाद राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी हॉस्टल पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए और सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बचने के लिए तुरंत फॉरेंसिक और क्राइम टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। क्राइम टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे छात्रा की मौत से पहले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रा के दोस्तों और हॉस्टल के स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।
इस दुखद घटना पर सर गंगा राम अस्पताल प्रशासन ने गहरा दुख और हैरानी जताई है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे जांच अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।
अस्पताल द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चल रही जांच के तहत मामले के सभी आवश्यक पहलुओं, जिसमें घटना से ठीक पहले की परिस्थितियां भी शामिल हैं, की बारीकी से जांच की जा रही है। अस्पताल ने आश्वासन दिया है कि वे अधिकारियों द्वारा मांगी गई कोई भी जानकारी साझा करने के लिए तैयार हैं और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों को सामने रखेंगे। फिलहाल छात्रा की मौत की सही वजह का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यह दुखद घटना भारत के छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य और बढ़ते दबाव को लेकर लगातार बनी हुई चिंताओं के बीच आई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को लेकर एक बड़ा अलार्म बजाते हैं।
2024 में रिकॉर्ड मामले: एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में देश भर में छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने के 14,488 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या हाल के वर्षों में सबसे अधिक है।
एक दशक में भारी उछाल: अगर इसकी तुलना 2014 के आंकड़ों से करें, तो उस समय देश में ऐसी 8,068 मौतें दर्ज हुई थीं, जो अब बढ़कर लगभग दोगुनी हो चुकी हैं।
रोजाना 40 मौतें: आंकड़े बताते हैं कि साल 2024 में देश में औसतन हर दिन लगभग 40 छात्रों ने आत्महत्या की। यह आंकड़े हमारे युवाओं द्वारा झेले जा रहे मानसिक तनाव और करियर के दबाव की तरफ इशारा करते हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।