दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान को पार करने पर लोहा पुल (फोटो- सोशल मीडिया) 
दिल्ली

थम गए ट्रेनों के पहिए! यमुना ने अस्त-व्यस्त कर दिया जनजीवन; 54 ट्रेनें कैंसिल, सैकड़ों फ्लाइट रद्द

दिल्ली-NCR में बारिश से स्थिति भयानक हो गई है। यमुना खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही है। 1963 के बाद से यह 5वीं बार यमुना का जलस्तर 207 मीटर से ऊपर गया है। 15 हजार लोगों को शिविरों में भेजा गया।

सौरभ शर्मा

Delhi Rain Rail Traffic Affected: दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश का सबसे ज्यादा असर यमुना नदी पर देखने को मिल रहा है, जिसका जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। आसपास के हजारों लोगों को राहत शिविरों में भेजा जा चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने ऐतिहासिक लोहे के पुल (पुराना यमुना पुल) पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है। इस फैसले के कारण भारतीय रेलवे को बड़ा कदम उठाते हुए कई ट्रेनों को रद्द और कई को डायवर्ट करना पड़ा है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिसके चलते पुराना यमुना पुल संख्या 249 पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। इसका सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा है। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुल 54 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इसके अलावा, 43 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है, 20 ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशन से पहले ही चलाया जा रहा है और 21 ट्रेनों को उनकी मंजिल से पहले ही समाप्त किया जा रहा है। दिल्ली के अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना होने वाली 400 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। कई राज्यों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है।

यात्रियों की बढ़ी परेशानी

यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से ही लोहा पुल से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रद्द की गई ट्रेनों में पुरानी दिल्ली-हरिद्वार एक्सप्रेस और पुरानी दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियां शामिल हैं। गाजियाबाद के रास्ते पुरानी दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को साहिबाबाद-तिलक ब्रिज-नई दिल्ली के रास्ते चलाया जा रहा है। सबसे ज्यादा मुश्किल दैनिक यात्रियों को हो रही है, क्योंकि अधिकांश लोकल ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जिससे उन्हें अपने दफ्तरों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वे यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और स्थिति सामान्य होते ही ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

उत्तर भारत में भी असर

बारिश का असर सिर्फ दिल्ली-एनसीआर तक ही सीमित नहीं है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में हालात बिगड़े हुए हैं। उत्तर रेलवे ने पठानकोट-जम्मू मंडल में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण पटरियों को हुए नुकसान के चलते 30 सितंबर तक जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 68 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। 26 अगस्त से जम्मू क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने सड़क और रेल सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को सामान्य होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य कर लें।

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