Delhi Government Decision: दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस में 6-फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित आवास पर बड़ा निर्णय लिया है। रेखा गुप्ता सरकार ने केजरीवाल के इस आधिकारिक आवास को VVIP गेस्ट हाउस और आधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करने का फैसला किया है।
बता दें, AAP संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का यह आवास चुनाव के दौरान से ही काफी चर्चा में रहा। दिल्ली सरकार के फैसले के बाद अब यह नए स्वरूप में नजर आएगा। अब सांस्कृतिक गतिविधियों और सरकारी कार्यक्रमों के लिए यह बंगला उपयोग में लाया जाएगा।
अरविंद केजरीवाल का यह आधिकारिक आवास विधानसभा चुनाव के दौरान काफी चर्चा में रहा। भाजपा ने बंगले के पुनर्निर्माण के मुद्दे को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था और इसे शीशमहल नाम दिया था। चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा कई जगहों पर चुनावी रथ पर बंगले का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया था।
बता दें, अभी तक दिल्ली सरकार के पास अपना खुद का न तो कल्चरल सेंटर है और न है कोई गेस्ट हाउस है। बीते दिनों दिल्ली सरकार की बैठक में यह फैलसा लिया गया था कि अब से सांस्कृतिक गतिविधियों, सरकारी बैठकों, सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के स्वागत और ठहरने के लिए इस परिसर का उपयोग किया जाएगा।
VVIP गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करने को लेकर दिल्ली सरकार का तर्क है कि सरकार के पास अभी तक कोई स्टेट गेस्ट हाउस नहीं है। इससे देश-विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथियों और प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने के लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ती थीं। सरकार के इस कदम से दिल्ली में यह कमी दूर होगी।
जानकारी के अनुसार, इस योजना में बंगले में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त VVIP रूम विकसित किया जाएगा। मीटिंग हॉल, सम्मेलन कक्ष और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक बहुउद्देशीय सभागार विकसित किया जाएगा। इसमें विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां जैसे- साहित्यिक आयोजन, सांस्कृतिक संवाद, कला प्रदर्शनियां, संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियां के साथ-साथ विभिन्न सरकारी समारोह और विभागों के कार्यक्रम का आयोजित किया जाएगा।
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दिल्ली सरकार का उद्देश्य इस बंगले को दिल्ली की विरासत, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। दिल्ली सरकार की योजना पर जानकारी देते हुए एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि परिसर में इस प्रकार से काम किया जाएगा कि तोड़फोड़ की जरूरत कम से कम पड़े।