दिल्ली पुलिस ने सीजेपी और निशु आजाद की मांग को स्वीकार करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर में SC/ST एक्ट की धारा को जोड़ा। हालांकि, इसके लिए अलग से एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव सीजेपी के निशु आजाद और उनके पिता के समर्थन में संसद मार्ग पीएस के बाहर धरने पर बैठे हैं। पप्पू यादव ने कहा, "क्या हमारी बेटियों और दलितों पर अत्याचार होंगे? यह सरकार महिलाओं, अल्पसंख्यकों और दलितों के खिलाफ है। आप हमारी बेटी को न्याय क्यों नहीं देंगे? पुलिस, अपराधियों और भाजपा नेताओं की यह सरकार लोकतंत्र और संविधान को खत्म करना चाहती है। इस सरकार को जाना होगा।"
जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता पर हमला करने के अपने पॉडकास्ट वाले दावे पर स्वतंत्र भारद्वाज का बयान सामने आया है। स्वतंत्र भारद्वाज का कहना है कि "लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा में किया गया काम था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा न किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी जान जा सकती थी। उन पर हमला करने की कोई कोशिश नहीं की गई थी। मेरे पास सबूत के तौर पर वीडियो हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई। दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। मैं चल रही जांच में सहयोग कर रहा हूं। राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।"
दिल्ली में CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद से जुड़े मामले पर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, जंतर-मंतर पर जो आंदोलन चल रहा था, निशु उसका हिस्सा थीं। जब वह अपने पिता के साथ आईं, तो BJP समर्थित एक एक्टिविस्ट ने उनके पिता का सिर फोड़ दिया और मीडिया के सामने खुलेआम कहा कि उसके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई, साथ ही यह भी माना कि FIR दर्ज होनी चाहिए थी। जब निशु आजाद को FIR दर्ज कराने के लिए भी हर जगह से निराशा मिल रही है, तो इस देश में लोकतंत्र कहां बचा है? जवाबदेही कहां बची है? राहुल गांधी पहले दिन से ही निशु और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। हम उनकी लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।
आजाद समाज पार्टी कांशी राम के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी निशु आजाद के साथ नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। वे CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका का समर्थन करने आए हैं, जो अपनी नेता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस स्टेशन के बाहर पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे आशुतोष रांका ने कहा, "जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय के साथ मारपीट की गई थी। हम लगातार न्याय की मांग करते रहे। दिल्ली में हालात ऐसे हैं कि अपराधी खुलेआम अपना अपराध कबूल कर रहा है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने BJP के कहने पर कोई कार्रवाई नहीं की। हम निशु और उनके पिता के साथ खड़े रहे हैं। हम पुलिस से हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करेंगे।"
दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए अपने एक समर्थक के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP कार्यकर्ता संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुए, जिसके बाद वहां पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास, सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य लोग पटेल चौक से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की ओर पहुंचे।
Breaking Delhi CJP Protest LIVE: दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने एक समर्थक के घायल होने के मामले में, CJP के प्रवक्ता सौरव दास, सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य लोग पटेल चौक से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की ओर पहुंचे। सीजेपी समर्थक निशु आजाद मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे है। दिल्ली संसद मार्ग थाना क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका, अपनी नेता निशु आजाद और उनके पिता संजय को न्याय दिलाने के लिए नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे है।