श्रीनगर: कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने रविवार को कहा कि कांग्रेस दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए तैयार थी लेकिन इसके संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इनकार कर दिया। कर्रा ने यहां कहा कि कांग्रेस गठबंधन के लिए हमेशा से तैयार थी लेकिन वह अरविंद केजरीवाल हैं जिन्होंने गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया। वह मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे चिंताजनक हैं लेकिन यह स्पष्ट है कि कोई भी विपक्षी गठबंधन कांग्रेस के बिना अधूरा होगा। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से एक बात जो उभरकर सामने आई है, वह यह है कि जहां तक ‘इंडिया' गठबंधन का सवाल है, मुझे लगता है कि यह सभी घटकों के लिए एक संदेश है कि कांग्रेस के बिना आप कुछ नहीं कर सकते। कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली चुनाव का नतीजा केजरीवाल की हार है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है और 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता में वापसी की है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि वह सिर्फ 22 सीटों पर ही सिमट गई। कांग्रेस की हालत और खराब रही, क्योंकि उसे लगातार तीसरी बार एक भी सीट नहीं मिली।
गठबंधन नहीं करने से नुकसान?
इन आंकड़ों को देखकर सवाल उठता है कि अगर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन किया होता, तो क्या बीजेपी की यह जीत इतनी बड़ी होती? यह चुनावी रणनीति पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकता है।