सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास को नहीं मिली जेल से राहत
दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने बढ़ाई दो दिन की न्यायिक हिरासत
CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा हमने अपनी आंखों के सामने न्याय व्यवस्था को विफल होते देखा है।
SEM Court Remands Ashutosh Ranka And Saurabh Das: सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास को फिलहाल जेल से राहत नहीं मिली है। दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने सोमवार, 19 अक्टूबर को दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी है। इस फैसले के बाद सीजेपी ने नाराजगी जताई है। पार्टी की प्रवक्ता और CJP के कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने नाराजगी दिखाते हुए कहा कि हम अब उच्च न्यायालयों का दरवाजा खटखटाएंगे।
सीजेपी के सह-सयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। 19 तारिख को उनकी न्यायिक हिरासत खत्म हो रही थी। इसको लेकर पुलिस 5 दिन की रिमांड और बढ़ाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान SEM कोर्ट ने 2 दिन की और रिमांड बढ़ा दी है।
CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को वापस न्यायिक हिरासत में भेजे पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि आज हम यहाँ अंतिम बहस के लिए आए थे। क्योंकि उनकी न्यायिक हिरासत खत्म हो रही थी। हमने सभी जरूरी कानूनी तर्क रखे, लेकिन सरकारी वकील ने बेबुनियाद आरोप लगाए और हमारे तर्कों का कोई जवाब नहीं दे पाए।
वे पहले ही पांच दिन जेल में बिता चुके थे और सिर्फ इसलिए उनकी आजादी नहीं छीनी जा सकती कि जमानतदारों के दस्तावेजों की पुष्टि होनी बाकी थी। आज इन दोनों युवाओं को वापस न्यायिक हिरासत में भेजने का कोई कारण नहीं था, फिर भी ऐसा किया गया। हमने अपनी आंखों के सामने न्याय व्यवस्था को विफल होते देखा है। हम अब उच्च न्यायालयों का दरवाजा खटखटाएंगे।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दोनों नेताओं की रिहाई के बाद दिल्ली में दोबारा प्रदर्शन होने की आशंका है। इसी आधार पर पुलिस ने उनकी हिरासत पांच दिन और बढ़ाने की मांग की। इसको लेकर कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड और बढ़ा दी है।