ग्रिसेल्डा ब्लैंको (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्राइम

ग्रिसेल्डा ब्लैंको अपराध की दुनिया की गॉडमदर, जिसने अकेले अमेरिका में खड़ा किया था डॅग्स का अंपायर

1970-80 के दशक की कुख्यात "कोकीन की गॉडमदर" ग्रिसेल्डा ब्लैंको ने अरबों डॉलर का ड्रग्स साम्राज्य खड़ा किया और 200 से ज्यादा हत्याओं का आदेश देकर मियामी को खून से लाल कर दिया।

अक्षय साहू

Griselda Blanco: 1970 और 80 के दशक को “Cocaine Cowboys Era” के नाम से जाना जाता है। इस दौरा में पाब्लो एस्कोबार, कार्लोस लेहडर और मिगुएल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो जैसे कई बड़े अपराधी हुए। जिन्होंने ड्रग्स का बिजनेस करके बड़ा नाम कमाया। लेकिन इसी दौर में खून और खौफ से भरे कालखंड की और केंद्रबिंदु भी थी ग्रिसेल्डा ब्लैंको। जिसने अकेले अमेरिका में अपना साम्रज्य बनाया, जिसे दुनिया "कोकीन की गॉडमदर" के नाम से जानती है।

ग्रिसेल्डा का जन्म 1943 में कोलंबिया के कार्टाजेना शहर में हुआ। गरीबी और अपराध के माहौल में पली-बढ़ी इस लड़की ने बचपन से ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। 15 साल की होते-होते उसने चोरी और तस्करी करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने कोलंबिया से अमेरिका तक कोकीन सप्लाई का ऐसा नेटवर्क खड़ा किया, जिसने उसे अरबों डॉलर की मालकिन बना दिया।

अरबों का कारोबार, खून की नदियाँ

ब्लैंको का नेटवर्क इतना मजबूत था कि वह हर महीने करीब 80 मिलियन डॉलर कमाती थी। लेकिन उसकी असली पहचान पैसा नहीं, बल्कि बेरहम हिंसा थी। कहा जाता है कि उसने अपने दुश्मनों और गद्दारों को खत्म करने के लिए 200 से ज्यादा हत्याओं का आदेश दिया। मियामी की सड़कों पर होने वाली ड्राइव-बाय शूटिंग की शुरुआत भी उसी के गिरोह ने की थी। यही वजह थी कि पुलिस और मीडिया ने उसे “ब्लैक विडो” और “ला मदरीना” (गॉडमदर) जैसे नाम दिए।

तस्करी करने का अनोखा अंदाज

ग्रिसेल्डा सिर्फ बेरहम ही नहीं, बल्कि बेहद चालाक भी थी। उसने नशे की तस्करी के लिए एक बिल्कुल ही नया तरीका ईजाद किया। उसने महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स और ब्रा में गुप्त पॉकेट बनाकर कोकीन छिपाने का तरीका निकाला। इस आइडिया ने उसके कारोबार को नई ऊंचाई दी। इसके अलावा वो दर्जनों “मुल्स” (कैरीयर) को तैयार करती थी, जो यात्रियों के रूप में कोलंबिया से अमेरिका कोकीन लाते।

मोटरसाइकिल किलिंग ने बदली पहचान

उसने अपने गिरोह को दुश्मनों की हत्या के लिए बाइक से शूटिंग करने का तरीका सिखाया। यह स्टाइल बाद में कोलंबिया और मियामी दोनों जगह आम हो गया। इसे कई फिल्मों में भी दिखाया जा चुका है। ग्रिसेल्डा इतनी बेरहम थी कि शक होने पर दुश्मन ही नहीं, अपने करीबियों को खत्म कर देती थी। उसके पतियों की मौतें इसी शक और विश्वासघात का नतीजा मानी जाती हैं। जिसके चलते हुए ब्लैक विडो नाम मिला।

जेल के अंदर से चलाया साम्राज्य

1985 में अमेरिकी नारकोटिक्स एजेंसी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। करीब 20 साल जेल में रहने के बाद 2004 में उसे कोलंबिया वापस भेज दिया गया। जेल में रहते हुए भी वह सुर्खियों में रही, क्योंकि वह वहीं से अपने नेटवर्क को चलाने की कोशिश करती थी।

अपने ही हथियार से मौत

3 सितंबर 2012 को कोलंबिया के मेदेईन शहर में उसका अंत उसी तरीके से हुआ, जिसे उसने अपराध की दुनिया में मशहूर किया था। दो मोटरसाइकिल सवारों ने एक कसाई की दुकान के बाहर उसे गोली मार दी। यही तरीका उसने 80 के दशक में अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए इजाद किया था।

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