दिल्ली से पकड़ा गया सीरियल किलर (फोटो- सोशल मीडिया) 
क्राइम

ड्राइवर बनते थे शिकार, पहाड़ बनते थे कब्रगाह… दिल्ली से सीरियल किलर गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने सीरियल किलर अजय लांबा को पकड़ा, जो साथियों संग कैब ड्राइवरों को मारकर शव पहाड़ियों में फेंकता और गाड़ियां नेपाल में बेचता था। अब तक चार हत्याएं कर चुका है।

सौरभ शर्मा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर चार कैब ड्राइवरों की बेरहमी से हत्या की। आरोपी अजय लांबा और उसका गिरोह किराए पर कैब बुक करता, ड्राइवर को पहाड़ी इलाकों में ले जाकर पहले नशीला पदार्थ देता और फिर गला घोंटकर हत्या कर देता। लाशों को उत्तराखंड की खाइयों में फेंक दिया जाता, जबकि गाड़ियों को नेपाल में बेच दिया जाता।

यह गिरफ्तारी दिल्ली के इंडिया गेट इलाके से की गई, जहां अजय लांबा पुलिस को चकमा देकर वर्षों से फरार था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अजय और उसके तीन साथियों ने पिछले कुछ सालों में कई ड्राइवरों को इसी तरीके से मार डाला। अब तक चार हत्याओं की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से केवल एक शव बरामद हुआ है। बाकी लाशें अब तक नहीं मिलीं।

हत्याएं सुनियोजित और बेहद निर्मम तरीके से होती

गैंग सबसे पहले दिल्ली-एनसीआर से कैब बुक करता और फिर उसे उत्तराखंड के दूरदराज पहाड़ी इलाकों की ओर ले जाता। रास्ते में ड्राइवर को खाने या पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया जाता। इसके बाद गला घोंटकर हत्या कर दी जाती और शव को गहरी खाई में फेंक दिया जाता, ताकि पुलिस को सबूत न मिल सके। गाड़ी को नेपाल ले जाकर ऊंचे दाम पर बेचा जाता, जिससे गिरोह को मोटा पैसा मिलता।

नेपाल में छिपकर कर रहा था नई जिंदगी की शुरुआत

दिल्ली क्राइम ब्रांच के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय लांबा पिछले 10 वर्षों से नेपाल में छिपा हुआ था। वहां उसने एक युवती से शादी भी कर ली थी और पहचान छिपाकर सामान्य जीवन जी रहा था। उसके खिलाफ दिल्ली में ड्रग्स तस्करी और ओडिशा में डकैती के पुराने मामले भी दर्ज हैं। इस गिरोह के दो अन्य सदस्य, धीरेंद्र और दिलीप पांडे पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक अन्य आरोपी धीरज अभी फरार है।

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क्राइम ब्रांच की आरकेपुरम टीम ने इस गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता बताया है। जांच अधिकारियों को शक है कि यह गैंग कई अन्य गायब कैब ड्राइवर मामलों से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब नेपाल तक फैले इस नेटवर्क की जड़ें तलाश रही है।

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