चीनी कारों से इजरायल की जासूसी, बीजिंग भेजा जा रहा था डेटा; सेना ने लगाई रोक

इजरायल ने डेटा सुरक्षा के चलते चीन की ATTO BYD 3 कारों की आपूर्ति पर रोक लगाई है। अब सैन्य अधिकारी चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां नहीं इस्तेमाल कर सकेंगे।
इजरायल में चीनी स्मार्ट कारों की एंट्री पर रोक, जासूसी का खतरा बना वजह
इजरायल में चीनी स्मार्ट कारों की एंट्री पर रोक (कॉन्सेप्ट फोटो)
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इजरायल की सेना ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों की सप्लाई पर रोक लगा दी है। कारण? इन वाहनों में लगे स्मार्ट डिवाइस, जो उपयोगकर्ता की जानकारी चुपचाप बीजिंग भेज रहे थे। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के अधिकारियों के लिए खरीदी जा रही BYD ATTO 3 कारों पर साइबर एक्सपर्ट्स के दबाव के बाद रोक लगा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कारों में लगे सेंसर और संचार प्रणाली, गुप्त खुफिया जानकारी चीन भेज सकते हैं।

वास्तव में ये पहली बार नहीं है जब इजरायल के सैन्य संस्थानों में चीनी कारें इस्तेमाल हुई हैं। IDF मुख्यालय में पहले से MG ZS और Chery Tiggo 8 जैसे इलेक्ट्रिक वाहन प्रयोग हो रहे हैं। लेकिन इस बार मामला ज्यादा गंभीर है क्योंकि पहली बार IDF अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे इन वाहनों को उच्च सुरक्षा स्थलों में लेकर न जाएं। ई-कार की इमरजेंसी कॉलिंग सिस्टम को अब पूरी तरह डिसकनेक्ट किया जा रहा है ताकि किसी भी बाहरी संपर्क की संभावना खत्म की जा सके।

कारों के जरिए चीन को भेजी जा रही संवेदनशील जानकारी

शिन बेट के पूर्व साइबर प्रमुख डॉ. हरेल मेनाश्री का कहना है कि चीनी वाहन केवल वाहन नहीं हैं, बल्कि वे एक 'चलती फिरती जासूसी मशीन' हैं। ये वाहन बायोमेट्रिक डेटा, ऑडियो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन जैसी जानकारियों को इकट्ठा कर सीधे चीन के सर्वर तक भेज सकते हैं। उनका दावा है कि इससे न केवल व्यक्तिगत निजता खतरे में है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।

अमेरिका और अन्य देशों में भी लगे हैं प्रतिबंध

इजरायल अकेला देश नहीं है जो इस खतरे से सतर्क हुआ है। अमेरिका पहले ही चीनी कारों पर 100% टैरिफ और बिक्री पर रोक लगा चुका है। चीनी कैमरे, ड्रोन, वाई-फाई राउटर और यहां तक कि रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर तक पर सुरक्षा चिंताओं के चलते प्रतिबंध लगाए गए हैं। TikTok और TP-Link जैसे नामी चीनी ब्रांड भी अमेरिकी जांच के घेरे में हैं।

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डॉ. मेनाश्री की चेतावनियों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। वे कहते हैं कि हर चीनी डिवाइस जो डेटा इकट्ठा करता है, वह चीन की रणनीतिक योजना का हिस्सा हो सकता है। इजरायल में चीनी कैमरे और उपकरण अभी भी व्यापक रूप से उपयोग हो रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा एजेंसियां अब नई समीक्षा के मूड में हैं।

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