Surajpur Murder Case Update : 13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर में एक भयानक वारदात हुई थी। अपराधियों ने प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या की। पुलिस ने जांच के बाद मामले के चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 28 सितंबर को चारों को दोषी ठहराया था। अब अदालत ने तीन दोषियों को फांसी और एक को उम्रकैद दी है।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। अदालत ने चर्चित दोहरे हत्याकांड में अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीन मुख्य आरोपियों को फांसी दी है। एक अन्य दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
इस फैसले से पीड़ित परिवार को राहत मिली है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई। न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल ने मामले की सुनवाई की थी। दोषी कुलदीप साहू को मृत्युदंड की सजा मिली है।
चन्द्रकान्त चौधरी उर्फ सीके चौधरी को भी फांसी दी गई है। तीसरे दोषी फुल सिंह उर्फ रिंकू सिंह को फांसी मिली। मामले के चौथे आरोपी आर्यन को आजीवन कारावास की सजा मिली।
यह मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। इस खौफनाक वारदात ने पूरे सूरजपुर को हिला दिया था। कोतवाली में तैनात तत्कालीन प्रधान आरक्षक का परिवार निशाना बना। बदमाशों ने आरक्षक की पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।
उनकी मासूम बेटी को भी मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले की जांच तेजी से शुरू की। एक-एक कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आदतन बदमाश कुलदीप साहू इस कांड का मुख्य आरोपी था। एनएसयूआई का पूर्व जिलाध्यक्ष भी शामिल था। सीके चौधरी और रिंकू सिंह ने भी वारदात को अंजाम दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फास्ट ट्रैक सुनवाई हुई।
अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा का ऐलान किया। सजा सुनते ही आरोपी कुलदीप साहू का चेहरा पीला पड़ गया। उसके चेहरे पर मौत का भय साफ नजर आ रहा था। एक हफ्ते पहले कोर्ट आते समय वह मुस्कुरा रहा था। लेकिन फांसी की खबर मिलते ही उसकी हंसी गायब हो गई।
फिलहाल सभी दोषी अंबिकापुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन ने कुलदीप साहू को शिफ्ट करने की तैयारी की। उसे जल्द ही रायपुर सेंट्रल जेल भेजा जाएगा। रायपुर जेल में फांसी देने की विशेष व्यवस्था मौजूद है। प्रशासन सुरक्षा कारणों से यह कदम उठा रहा है।