डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन  (सोर्स- सोशल मीडिया)
राजनांदगांव

Shardiya Navratri 2026: छत्तीसगढ़ में माता का ऐसा मंदिर, जहां नवरात्र में ठहर जाते हैं एक्सप्रेस के भी पहिए

Rajnandgaon Maa Bamleshwari Temple: मां बम्लेश्वरी मंदिर में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। इस दौरान डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली एक्सप्रेस के पहिए थम जाते हैं.

चंदू निर्मलकर

Highlights

  • मां बम्लेश्वरी मंदिर में नवरात्र के दौरान उमड़ता है भक्तों का सैलाब

  • छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु

  • माता के भक्तों के लिए रेलवे प्रशासन को करनी पड़ती है विशेष व्यवस्था

  • एक्सप्रेस ट्रेनों का डोंगरगढ़ स्टेशन में दो मिनट का अस्थायी ठहराव

Chhattisgarh Maa Bamleshwari Temple: देश में माता के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां नवरात्र के दौरान भक्तों का सैलाब उमड़ता है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर भी ऐसा ही एक आस्था का केंद्र है, जहां चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। भक्तों की इसी आस्था और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए रेलवे प्रशासन को भी विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है। नवरात्र के दौरान यहां उन एक्सप्रेस ट्रेनों को भी अस्थायी ठहराव दिया जाता है, जो सामान्य दिनों में डोंगरगढ़ स्टेशन पर नहीं रुकतीं।

कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव

डोंगरगढ़ में नवरात्र के समय छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित मध्य प्रदेश और दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रियों की इस भारी आवाजाही के बीच केवल लोकल ट्रेनों और बसों के भरोसे आवागमन की सुगम व्यवस्था करना आसान नहीं होता। यही वजह है कि रेलवे प्रशासन हर साल नवरात्र मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ के दबाव को देखते हुए लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों को भी डोंगरगढ़ में अस्थायी ठहराव देता है। इससे श्रद्धालुओं को सीधे डोंगरगढ़ पहुंचने का विकल्प मिलता है और उन्हें यात्रा के दौरान अतिरिक्त परेशानी से राहत मिलती है।

11 से 20 अक्टूबर तक कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव

शारदीय नवरात्र मेला 2026 के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 11 से 20 अक्टूबर तक पांच जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव देने की व्यवस्था की है। इनमें शामिल हैं।

1. बिलासपुर–भगत की कोठी एक्सप्रेस और भगत की कोठी–बिलासपुर एक्सप्रेस।

2. बिलासपुर–बीकानेर एक्सप्रेस और बीकानेर–बिलासपुर एक्सप्रेस।

3. बिलासपुर–चेन्नई एक्सप्रेस और चेन्नई–बिलासपुर एक्सप्रेस।

4. बिलासपुर–पुणे एक्सप्रेस और पुणे–बिलासपुर एक्सप्रेस।

5. सिकंदराबाद–रायपुर एक्सप्रेस और रायपुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस।

इन ट्रेनों के अस्थायी ठहराव से लंबी दूरी की यात्रा कर डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलती है। खासकर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों से आने वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित होती है।

आस्था के आगे एक्सप्रेस ट्रेनों के भी थमते हैं पहिए

मां बम्लेश्वरी मंदिर में नवरात्र के दौरान उमड़ने वाली भीड़ केवल धार्मिक आयोजन की भव्यता ही नहीं, बल्कि यातायात प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ रेलवे स्टेशन और सड़क मार्ग पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान रेलवे की ओर से की जाने वाली यह व्यवस्था बताती है कि डोंगरगढ़ का धार्मिक महत्व कितना व्यापक है। मां के दर्शन के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे को भी अपनी नियमित परिचालन व्यवस्था में विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं। यही वजह है कि नवरात्र में मां बम्लेश्वरी के दरबार तक भक्तों की राह आसान बनाने के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों के पहिए भी कुछ देर के लिए थम जाते हैं।

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